हिलोपा नेताओं पर मानहानि का मुकद्मा ठोकेंगे सतपाल जैन

शिमला, 21 मई ।

चंडीगढ़ के वरिष्ठ अधिवक्ता व हिमाचल भाजपा के पूर्व प्रभारी रहे सतपाल जैन ने कहा है कि वे हिलोपा पार्टी के नेताओं द्वारा उनके विरूध की गई गलत बयानवाजी को लेकर मानहानि का मुकद्मा करेंगे। चंडीगढ़ से पूर्व सांसद रहे भाजपा नेता सतपाल जैन ने आज यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि अगर हिलोपा के नेता हिमाचल सरकार की ओर से उनके द्वारा लड़े गए केसों को लेकर की गई गलत बयानबाजी को लेकर सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगेंगे तो वे सिविल कोर्ट में मानहानि का मुकद्मा दायर करेंगे।

उन्होंने कहा कि वे समाचार पत्रों को भी इस संदर्भ में समाचार छापे जाने पर नोटिस जारी करेंगे। गौरतलब है कि हिमाचल लोकहित पार्टी के अध्यक्ष महेश्चर सिंह ने रविवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया था कि हिमाचल सरकार उन पर अधिवक्ताओं के पैनल से बाहर जाकर केस लडऩे के लिए अधिक पैसे दे रही है। महेश्वर का कहना था कि हिमाचल में एक एडवोक्ेट जरनल, आठ-आठ एडिशनल व एसिसटैंट और चार डिप्टी एडवोकेट जरनल हैं। इसके अतिरिक्त हिमाचल में आठ हजार वकील हैं, फिर भी सतपाल जैन को बाहर से लाकर हिमाचल सरकार के केस देने के एवज में मोटी फीस दी जा रही है।

जैन ने कहा कि हिलोपा नेताओं का यह बयान हताशा और निराशा को दर्शाता है। यह बयान वकीलों की बिरादरी का अपमान करने वाला है। कोई भी वकील देश में ट्रायल कोर्ट से लेकर उच्चतम न्यायालय तक वकालत कर सकता है। जैन ने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार के समय में भी बाहर से वकील आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह के समय एचएस मध्यवाल ने हिमाचल सरकार की ओर से केस लड़े हैं जिनका संबंध भाजपा-अकाली सरकार से रहा है। उन्हें इसके लिए 70 लाख के करीब फीस दी गई है।

जैन ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें पैनल से बाहर जाकर वकील करती रही हैं। केंद्र सरकार ने टूजी मामले में भी पैनल से हटकर वकील किया था। जैन ने मांग की है कि उनके ऊपर आरोप लगाने वाले नेता व हिमाचल सरकार पिछले 10 सालों के दौरान पैनल के बाहर से केस लडऩे वाले वकीलों की सूची फीस सहित सार्वजनिक करे। उन्होंने कहा कि उनके ऊपर भ्रष्टाचार का कोई भी केस नहीं है और हिमाचल मेें उन्होंने पहला मुकद्मा 1984 में लड़ा। तब से वे यहां मुकद्में लड़ते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पूर्व की एनडीए सरकार में उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार के कहने पर केंद्र सरकार की ओर से केस लड़ा था। इस दौरान वे केंद्र सरकार के वकीलों के पैनल में नहीं थे। उन्होंने कहा कि वे देश के सात उच्च न्यायालयों में मुकद्में लड़ चके हैं और यूपीएससी, हिप्र सर्विस कमीश्र, कांग्रेस नेता हरचरण सिंह बराड़ , जगजीत सिंह रंधावा आदि नेताओं के केस लड़ चुके हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान हिमाचल सरकार ने वरिष्ठ वकील पीपी राव को केवल दो दिन की सुनवाई के लिए सात लाख सतर हजार रूपये की फीस दी है। जैन का कहना था कि उन्होंने कोई भी फीस सरकार की अधिसूचना के बाहर जाकर नहीं ली है। उनके द्वारा लड़े गए हिमाचल सरकार के 21 मामलों में से 18 जीते हैं। उनके जुनियर वकील को दी गई फीस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वे सीनियर वकील हैं और कानूनन सीनियर वकील बिना जुनियर वकील के केस नहीं लड़ सकता।

जैन ने कहा कि पंजाब सरकार सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय में केस लडऩे के लिए वकीलों को इससे अधिक पैसे देती है। इस संबंध में उन्होंने पंजाब सरकार की एक नोटिफिकेशन मीडिया को जारी की जिसमें भाजपा और कांग्रेस संबंधित वकीलों के नाम थे।