हिमाचल से होकर गुजरे ‘पंज तख्त यात्रा’

शिमला,16 मई।

प्रदेश सरकार राज्य के एतिहासिक गुरुद्वारों की यात्रा को ‘स्पिरिचवल जर्नी टू दि गुरुज अबोड’ के अंतर्गत शामिल करने के लिए केंद्र सरकार से मामला उठाएगी। मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने बुधवार को शिमला में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि ‘चार धाम यात्रा’ की तर्ज पर सिख श्रद्धालुओं के लिए प्रस्तावित रेल सेवा ‘पंज तख्त यात्रा’ यदि हिमाचल प्रदेश से होकर गुजरती है तो श्रद्धालु एक अन्य राज्य की यात्रा का भी लाभ उठा सकेंगे। देश भर में धार्मिक यात्रा के अन्तर्गत विशेष रेल के द्वारा हिमाचल प्रदेश को सिख धार्मिक स्थलों से जोडऩे से बड़ी संख्या में अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटक न केवल यहां धार्मिक पर्यटन के लिए आकर्षित होंगे।

उन्होंने कहा कि ऊना जिले में भी सिखों के ऐतिहासिक धार्मिक स्थल मौजूद हैं और जिला को ब्रॉडगेज रेलमार्ग से जोड़ा गया है। अमृतसर के ऐतिहासिक स्वर्ण मंदिर के लिए प्रस्तावित रेल मार्ग को यदि प्रदेश के ऊना जिले से होकर निकाला जाता है तो श्रद्धालु यहां के ऐतिहासिक सिख धार्मिक स्थलों को भी देख सकेंगे। पावंटा साहिब के ऐतिहासिक सिख धार्मिक स्थल को भी रेल मार्ग से जोडऩे के लिए अम्बाला से रेल मार्ग को विस्तार देने की संभावनाओं का पता लगाया जाना चाहिए जिसे देहरादून तक बढ़ाया जा सकता है।

धूमल ने कहा कि ऊना जिला को विशेष धार्मिक रेल से जोडऩे पर राज्य में पर्यटकों की आमद बढ़ जाएगी। गत वर्ष राज्य में 1.5 करोड़ पर्यटक आए, जिनमें 4.85 लाख विदेशी थे।