सिरसा कोर्ट परिसर में दिन दिहाड़े कत्ल

युवक ने चाचा की मौत का लिया बदला
बंदी को पुलिस जेल से लाई थी पेशी पर
सिरसा। शुक्रवार दोपहर हत्या मामले में पेशी भुगतने आए हवालाती रिसाल सिंह की राकेश नामक युवक ने देशी कट्टा से गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी  युवक व प्रयुक्त गोली के खोल को काबू कर लिया हैै। हमलावर मृतक रिसाल सिंह का परिवार में भतीजा हैे।
जिला के गांव जोगीवाला निवासी रिसाल सिंह गत वर्ष जुलाई माह से दयाराम की हत्या के आरोप में जिला जेल में मुख्य आरोपी के तौर पर बंद था। पुलिस आज उसे  नियमित पेशी पर लाई थी। रिसाल सिंह को मौत के घाट उतारने के लिए राकेश पुत्र पृथ्वी सिंह न्यायालय परिसर में घात लगाए बैठा था पुलिस ज्यों ही रिसाल सिंह को  न्यायालय में पेशी के लिए लाई तो राकेश ने एकाएक गोली दाग दी जो उसके शरीर को चिरते हुए पार निकल गई। फायरिंग की आवाज सुनकर न्यायालय परिसर में  अफरातफरी मच गई। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र यादव अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ मौका पर पहुंचे। घायल रिसाल सिंह को तुरंत पुलिस जिला अस्पताल ले गई मगर  उसने बीच रास्ते ही प्राण त्याग दिए। पुलिस ने मौका से युवक राकेश व हत्या वारदात में प्रयुक्त देशी कट्टा बरामद कर लिया।
जानकारी के अनुसार 17 जुलाई 2011 को जोगीवाला में भूमि पर मिट्टी डालने को लेकर दयाराम नामक व्यक्ति की सडक़ पर रोककर गोली मार हत्या कर दी थी।  दयाराम की हत्या के आरोप में नाथूसरी चोपटा पुलिस ने मृतक दयाराम के भतीजे के औम प्रकाश के ब्यान पर रिसाल सिंह,उसके भाई भाल सिंह व पुत्र कृष्ण के  खिलाफ हत्या समेत अन्य आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज किया था। इसी मामले में रिसाल सिंह जेल में बंद है आज पुलिस सुरक्षा में रिसाल सिंह को माननीय  न्यायाधीश एस.के.गोयल की अदालत में पेशी पर लाया गया तो न्यायालय कक्ष के बाहर ही राकेश ने उस पर गोली दाग दी जो शरीर के आर पार हो गई रिसाल सिंह  भागकर कोर्ट में भागा घटनास्थल पर काफी खून बिखर गया। ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी रोहताश कुमार ने तुरंत आरोपी राकेश को दबोच लिया। पुलिस ने मामला दर्ज  कर लिया है,फोरेंसिे लैब के कर्मियो ने मौका वारदात से तथ्य जुटाए हैं। पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया। आरोपी युवक का कहना है  कि उसके चाचा की सरेआम गोली मारकर हत्या की थी आज उसने अपने चाचा की मौत का बदला लेकर न्याय पाया है। मृतक रिसाल सिंह के गांव जोगीवाला में  एतिहात के तौर पर संसकार के दौरान पुलिस बल तैनात किया गया था।