सडक़ों के रख-रखाव एवं निर्माण पर खर्च होंगे 2052 करोड़ रुपये : लोकनिर्माण मंत्री

शिमला,16 मई।

प्रदेश सरकार राज्य में सडक़ों और पुलों के रख-रखाव एवं निर्माण पर इस वित्त वर्ष के दौरान 2052 करोड़ रुपये व्यय कर रही है, जो गत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। लोक निर्माण मंत्री ठाकुर गुलाब सिंह ने प्रदेश में राष्ट्रीय उच्च मार्गों एवं प्रमुख सडक़ों की समीक्षा बैठक के बाद बताया कि इस वित्त के लिए 1450 किलोमीटर सडक़ों पर टारिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से 260 किलोमीटर से अधिक लम्बी सडक़ों पर यह कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सडक़ों के विकास एवं रख-रखाव को उच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। कृषि, बागवानी, उद्योग, वानिकी इत्यादि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का विकास सुदृढ़ सडक़ नेटवर्क पर निर्भर करता है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को सडक़ों के बेहतर रख-रखाव के निर्देश दिए।

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य में सडक़ घनत्व प्रति 100 वर्ग किलोमीटर पर 58 किलोमीटर है, जो देश के पहाड़ी राज्यों में सर्वाधिक है, जिसका श्रेय मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल के दूरदर्शी नेतृत्व को जाता है, जिन्होंने सडक़ों को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है। राज्य में कुल 3243 पंचायतों में से 3000 पंचायतों को सडक़ों से जोड़ा गया है और प्रदेश में 32410 किलोमीटर लम्बी सडक़ों का सुदृढ़ नेटवर्क उपलब्ध है।

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि तारकोल के 64000 से अधिक ड्रम की खरीदकर उन्हें सम्बन्धित ऑंचलों में उपलब्ध करवाया गया है ताकि सडक़ों की टारिंग का कार्य सुनिश्चित बनाया जा सके। राज्य में वर्षा के मौसम के दौरान सामान्य तारकोल के स्थान पर बीटूमन ऐमलशन का उपयोग किया जा रहा है।