संपतियों के विवाद पर ईसाईयों के दो संगठन आमने- सामने

शिमला, 14 मई ।

राजधानी शिमला सहित कई अन्य स्थानों पर चर्च, स्कूलों व अन्य संपतियों को लेकर इसाइयों के  दो संगठन आमने-सामने आ गए हैं। अमृतसर डयोसीजन ट्रस्ट एसोसिएशन (एडीटीए) ने चर्च फॉर नार्थ इंडियन (सीएनआई) पर आरोप लगाया है कि वे उनकी संपतियों पर अवैध कब्जा कर रहे हैं और धर्म की आड़ में धंधा किया जा रहा है।

एडीटीए के ट्रस्टी सैमयूल प्रकाश ने सोमवार को शिमला में बताया कि सीएनआई की स्थापना 1970 में छह अलग-अलग चर्चों द्वारा की गई थी। यह स्थापना पूृरी तरह धार्मिक कामों के लिए की गई थी।

उन्होंने कहा कि समय के साथ-साथ सीएनआई लगातार एडीटीए की संपतियों पर कई जगह कब्जा करती गई। इस मामले में सीएनआई सरकार को भी गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में सीएनआई द्वारा अवैध तरीके से कब्जाई गई संपतियों को लेकर मुकद्में चल रहे हैं। यह मामले सीएनआई की स्थापना के बाद 1970 से चले हुए हैं। कई मामले एडीटीए के हक में हुए हैं। सैमयूल ने बताया कि 1947 से लेकर 1970 तक एडीटीए ट्रस्ट ही सारी संपतियों की देखभाल करता था, लेकिन बाद में सीएनआई ने संपतियां कब्जानी आरंभ कर दीं।

उन्होंने कहा कि शिमला मे सेंट थामस, बीसीएस, ऑकलैंड और एक चर्च एडीटीए ट्रस्ट की संपति है, जिस पर सीएनआई अवैध कब्जा कर रहा है। ऑकलैंड स्कूल की प्रिंसिपल जो सीएनआई ने नियुक्त की है, ने 100 साल पूरानी स्कूल भवन को झूठा शपथ पत्र देकर गिरा दिया। जिसमें दावा किया गया था कि प्रिंसिपल स्कूल की मालिक है। जबकि यह संपति ट्रस्ट की है, इसकी नगर निगम व पुलिस में शिकायत की गई है। एडीटीए मांग करती है कि इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल पर एफआई दर्ज की जाए।

उन्होंने एक और संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि शिमला में एसबीआई बैंक  के नीचे एडीटीए ट्रस्ट की जमीन को सीएनआई ने लीज पर दे दिया। यह ट्रस्ट  के नियमों के खिलाफ है। यह जमीन एक बिल्डर को दी गई है। हाल ही में डल्हौजी में चर्च की संपति को लेकर आए विवाद में सैमयूल ने कहा कि यह संपति भी एडीटीए की है जबकि बिशप प्रदीप कुमार ने शनिवार ने कहा था कि यह संपति उनकी निजी है।