शिमला नगर निगम के लिए चुनाव प्रचार थमां, मतदान 27 को

शिमला, 25 मई।

नगर निगम शिमला के लिए 27 मई को होने वाले चुनाव के प्रचार का शुक्रवार को अंतिम दिन था। दोनों मुख्य दलों भाजपा व कांग्रेस ने अंतिम दिन चुनाव प्रचार में सारी ताकत झौंक दी। भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने मोर्चा संभाला जबकि कांग्रेस की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री व केन्द्रीय लघु एवं सूक्ष्म उघु उघोग मंत्री वीरभद्र सिंह ने मोर्चा संभाला।
नगर निगम शिमला के चुनाव इस साल के अतं में होने वाले विधानसभा चुनावों का समीफाइनल माना जा रहा है। पिछले करीव 15 सालों से यह चुनाव विधानसभा चुनावों से ठीक छ: महीने पहले हो रहे हैं। इस चुनाव में पहली वार मेयर व डिप्टी मेयर के लिए सीधा चुनाव हो रहा है।
भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल अंतिम तीन दिनों में चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उत्तरे । इन चुनावों में पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार व राष्ट्रीय महासचिव जेपी नड्डा व्यवस्त्ता के कारण नहीं आ पाए हैं। इसलिए चुनाव जीताने की सीधी जिम्मेवारी मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल पर होगी।
दूसरी ओर धड़ों मं वंटीं कांग्रेस के लिए भी यह चुनाव आसान नहीं होंग। प्रदेश कांग्रेस में दवदवा केन्द्रीय मंत्री वीरभद्र सिंह का है जबकि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर को केन्द्र की छत्रछाया है। वीरभद्र सिंह ने बीच में चुनावों के लिए प्रचार किया था लेकिर वे बाद में दिल्ली लौट गए थे। अब अंतिम दो दिनों के लिए चुनाव प्रचार में आए हैं। हिमाचल से केन्द्र में दूसरे वड़े नेता आनंद शर्मा भी एक दिन के लिए चुनाव प्रचार पर आए थे।
हांलाकि शिमला नगर निगम में आरंभ से ही कांग्रेस का दवदवा रहा है। 1986 से यहां नगर निगर के लिए चुनाव हो रहे हैं और तभी से कांग्रेस यह नगर निगम पर कब्जा है। लेकिन इस बार मुकावल रोचक होने की उम्मीद है क्योंकि मेयर व डिप्टी मेयर के लिए पहली बार प्रत्यक्ष तौर चुनाव हो रहा है। वहीं हिमाचल में सीपीआईएम केवल शिमला तक ही सीमित है। सीपीआईएम का भी शिमला में अपना एक वोट बैंक है। सीपीआईएम के चुनाव में होने से मुकावल त्रिकोना होने की भी संभावना है।