वन रैंक वन पैंशन मामले का जल्द होगा निपटारा : जनरल वी.के. सिंह

धर्मशाला, 25 मई।

थल सेना अध्यक्ष जनरल वी.के. सिंह ने कहा है कि 31 मई को सेवानिवृत होने के बाद फिलहाल राजनीति में आने को लेकर कोई निर्णय नही लिया है। वन रेंक वन पैंशन के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री के साथ-साथ अन्य राजनैतिक माहौल भी इसके पक्ष में है। उन्होंने कहा कि इस लाभ को देने के लिए केवल 1300 करोड़ ही खर्च आना है उन्हें आशा है कि इस बारे जल्द ही सैनिकों को खुशखबरी मिलेगी।
धर्मशाला में पत्रकारों के सवालों का जबाव देते हुए उन्होंने कहा के हिमाचल में किसी तरह की कोई घुसपैठ नही है। सेनाध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल के मुख्यमंत्री ने चीन के विमानों का हिमाचल के साथ लगती देश की सीमा में उल्लंघन की जो जानकारी दी है उस पर भारतीय सेना कड़ी नजर रखे हुए है।

थल सेना अध्यक्ष ने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों को पुन: रोजगार सुनिश्चित करने के लिए आर्मी वैल्फेयर प्लेसमेंट संगठन को मजबूत किया गया है। प्रदेश में भी शिमला, सुबाथू और योल में तीन जगह सैंटर बनाए गए हैं। पंचकूला में पूर्व सैनिकों के लिए एक वृद्धाश्रम का निर्माण किया गया है। पूर्व सैनिकों के स्वास्थ्य पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अंत तक हिमाचल में ई.सी.एच.एस. की संख्या 15 हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों ने देश के लिए जो अभूतपूर्व कार्य किया है सेना इसके एवज में इस वर्ष को पूर्व सैनिक वर्ष के रूप में मना रही है। राजस्थान स्थित 12वीं कोर ने पूर्व सैनिकों की पैंशन में सामने आई कमियों को दूर करने में एक कमेटी का गठन किया है जिसके चलते वहां के पूर्व सैनिकों को 22 करोड़ के एरियर का भुगतान किया है।

उन्होंने कहा कि ऐसी ही सेवाएं देश के अन्य हिस्सों में चलाई जांएगी तब तक पूर्व सैनिक अपनी समस्याएं टोल फ्री नम्बर 1800116644 पर सम्पर्क कर सकते हैं। सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिकों की वित्तीय समस्याओं के अलावा अन्य समस्याओं को हल करने के लिए सेवानिवृत ब्रिगेडियर की सेवाएं ली जा रही हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में उन्होंने जमीन खरीदी है तथा यहां घर बनाकर बसने का इरादा रखते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी का ससुराल भी हिमाचल में ही है इसलिए उनका लगाव यहां से स्वाभाविक है।

वहीं इससे पूर्व पुलिस मैदान में उपस्थित पूर्व सैनिकों को सम्बोधित करते हुए थल सेना अध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल से बड़ा संख्या में लोग सेना में जाते हैं और उनकी ईमानदारी व निष्ठा के चलते उन्हें सेना में विषेष स्थान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में भर्ती के कोटे को आबादी के अनुपात से अलग हटाने पर सेना में विचार चल रहा है और शीघ्र ही इसका कोई सकारात्मक हल ढंूढ लिया जाएगा।