लोकपाल बिल संसद के इसी सत्र में पास हो : शान्ता कुमार

दिल्ली,13 मई।

भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष एवं वर्तमान राज्यसभा सांसद शान्ता कुमार ने कहा है कि संसद के साठ साल के कार्यक्रमों को मनाना तभी सार्थक होगा यदि 42 सालों से लम्बित लोकपाल बिल को हम इसी सत्र में पारित करें। 

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से दु:खी होकर जब जनता सडक़ पर आती है तो हम कहते हैं कि कानून बनाने का काम संसद का है, लेकिन इस बात का हमारे पास कोई उत्तर नहीं कि पिछले 42 सालों से यह अति आवश्यक बिल पारित क्यों नहीं किया गया।  जनता में एक ही धारणा जाती है कि भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए गंभीरता नहीं हैं।

राज्यसभा में रविवार को संसद के पहले अधिवेषन की 60वीं वर्शगांठ पर आयोजित विशेष सत्र में सदन को संबोधित करते हुए शान्ता कुमार ने कहा कि आज का दिन गौरव का है,  स्वाभिमान का है, उल्लास का है परन्तु आज का दिन आत्म विश्लेशण, आत्म निरीक्षण और नये संकल्प करने का भी है। 

उन्होनें कहा कि संसद की गरिमा और शुचिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।  उनहोंने कहा कि भारतीय संसद में वाद-विवाद, परिसंवाद और चर्चा के स्तर में गिरावट महान चिन्ता का विषय है।  संसद में पूरे समय का पूरा उपयोग नहीं हो रहा और सांसदों में दायित्व बोध कम होता जा रहा है।  पूरी राजनीति में नैतिक मूल्यों का अवमूल्यन चिंता का विषय है। 

शान्ता कुमार ने कहा कि आधुनिक भारत के महान निर्माता देशभक्त सन्यासी स्वामी विवेकानन्द एक अकेले ऐसे सन्यासी हैं जिन्होंने मोक्ष के लिए घर-बार, परिवार सब कुछ छोड़ दिया परन्तु मातृभूमि के लोगों की गरीबी को देखकर उस मोक्ष को भी छोड़ दिया और घोषणा की कि हे प्रभु! मुझे मोक्ष नहीं चाहिए जब तक मेरे देश का प्रत्येक व्यक्ति भरपेट भोजन नहीं कर लेता तब तक मैं बार-बार जन्म लूं।  उन्होने कहा कि महात्मा गांधी के समाज के सबसे नीचे के व्यक्ति से विकास आरम्भ करने के लिए अन्त्योदय का मूल मंत्र भी हमें याद रखना चाहिए।