बागियों ने बजाई कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी

शिमला, 12 मई। 

पिछले 26 सालों से नगर निगम पर काबिज कांग्रेस पार्टी की राहें इन चुनावों में कठिन नजर आ रही हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के बगावती सुरों और दिग्गज नेता वीरभद्र सिंह समर्थकों की टिकट आबंटन में अनदेखी से पार्टी का किला ध्वस्त करने से रोकना प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ठाकुर कौल सिंह के समक्ष बड़ी चुनौती है।

त्रिकोणीय मुकाबले में फंसी कांग्रेस के लिए मेयर की कुर्सी बचाना प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। इस बार टिकट आबंटन में कौल सिंह का सिक्का चला है। शहर के 25 वार्डों समेत मेयर की टिकट भी कौल अपने प्रत्याशी को दिलाने में सफल रहे हैं।

कांग्रेस के पूर्व में मेयर रहे मनोज कुमार के मैदान में डटे रहने से पार्टी के कैडर वोट में वंटाधार होने की संभावना जताई जा रही है। इस दफा ओपन सीट पर महिला प्रत्याशी को उतारने पर कई कांग्रेसी नाखुश चल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस में अंदखाते इस फैसले का विरोध हो रहा है। इसका प्रमाण उस समय देखने को मिला जब पार्टी की मेयर प्रत्याशी मधु सूद के नामांकन भरने के समय कांग्रेस के दिग्गज नेता व वीरभद्र समर्थक गायब रहे।
अपने समर्थकों की अनदेखी पर हालांकि वीरभद्र सिंह ने चुप्पी साध रखी है, लेकिन पार्टी प्रत्याशी के प्रचार में उनके समर्थकों के शामिल न होने से पार्टी में भीरतरघात का खतरा बढ़ गया है। बहरहाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ठाकुर कौल सिंह पर ही इन चुनावों में पार्टी की नैया पार लगाने का जिम्मा है।

उधर, निर्दलीय प्रत्याशी तरसेम भारती के भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में अपना नामांकन वापिस लेने से भी कांग्रेस में घबराहट बढ़ गई है। तरसेम के मैदान से हटने के बाद भाजपा का पलड़ा कांग्रेस से भारी हो गया है। जबकि माकपा प्रत्याशी संजय चौहान की शहर के वोटरों में खासी पकड़ का भी नुक्सान कांग्रेस को झेलना पड़ सकता है। मेयर के अलावा पार्षदों के लिए विभिन्न वार्डों में भी कांग्रेस के बागी प्रत्याशियों की संख्या भाजपा से ज्यादा है। राजनीतिक गुरूओं की मानें तो पहली बार मेयर के सीधे चुनावों में भाजपा व माकपा का पलड़ा कांगे्रस से भारी है।

माकपा ने पहली बार महापौर और उप-महापौर सहित निगम चुनाव में 21 उम्मीदवारों को उतारा है जबकि चार वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियो को समर्थन देने का वादा किया है। दूसरी और भारतीय जनता पार्टी ने भी सभी वार्डों में अपने उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे है।

कांग्रेस पार्टी ने पूर्व महापौर मधु सूद को मैदान में उतारा है और भाजपा ने इंदिरा गांधी मैडिकल कॉलेज से सेवानिवृत जाने-माने सर्जन डॉ. एस एस मिन्हास तथा माकपा ने संजय चौहान को मैदान में उतारा है। इन तीनों उम्मीदवारों में कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है। माकपा के अलावा किसी भी पार्टी ने अभी तक अपने चुनाव घोषणा पत्र नहीं निकाले है।

नगर निगम के चुनाव के लिए 27 मई को महापौर, उप-महापौर सहित 25 पार्षदों के लिए मतदान होगा, जबकि मतगणना और परिणाम अगले दिन 28 मई को निकाले जायेगें।