प्रदेश सरकार ने पहुंचाया जेपी को फायदा : कौल सिंह

शिमला, 11 मई।  हिमाचल में जेपी इंडस्ट्रीज के सीमेंट प्लांट को लेकर प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ठाकुर कौल सिंह ने प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार पर जेपी के हित में काम करने का आरोप लगाया है।

कौल सिंह ने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार ने मार्च 2007 में प्रदेश  में थर्मल प्लांट नहीं लगाने का निर्णय लिया था, जिसे भाजपा सरकार ने सता में आने के बाद नवंबर 2008 में पलट कर जेपी को फायदा पहुंचाया है। इस आधार पर जेपी इंडस्ट्रीज को 60 मेगावाट प्लांट लगाने की मंजूरी प्रदेश सरकार द्वारा दी गई है। कौल सिंह शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे।

कौल सिंह ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के समय में जेपी के साथ कोई भी एमओयू साइन नहीं किया गया था। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने जेपी इंडस्ट्रीज को केवल ग्रेडिंग युनिट लगाने की इजाजत दी थी।

कौल ने कहा कि प्रदेश सरकार को इस निर्णय को बदलने की क्या जरूरत पड़ गई। जेपी को फायदा पहुंचाने के लिए यह किया गया। उन्होंने कहा कि जिस भूमि पर कंपनी ने नाजायज कब्जा किया था उसे निपमों के आधार पर औद्योगिक घराने को नहीं दिया जा सकता था। लेकिन सरकार ने 4 करोड़ 10 लाख रूपये का जुर्माना लगाकर उसे संबंधित कंपनी को दे दिया।

कौल ने कहा कि 1000 मेगावाट के कड़छम वांगतु पावर प्रोजेक्ट की क्षमता 1200 मेगावाट तक बढ़ाकर नियमों का उलंघन हुआ है। इस प्रोजेक्ट का सतलुज नदी व पर्यावरण पर बुरा असर पड़ रहा है। पालमपुर स्थित विवेकानंद अस्पताल का जेपी के साथ एमओयू साइन कर वहां ट्रस्ट व भूमि को जेपी के नाम किया गया।