नगर निगम की माली हालत के लिए कांग्रेस जिम्मेदार : सत्ती

शिमला, 21 मई ।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा है कि नगर निगम चुनावों में जनता के सामने कांगे्रस पार्टी की कारगुजारी का आकलन करने का सही समय है। पिछले 26 सालों से निगम पर एकछत्र राज करने वाली कांग्रेस पार्टी के चलते ही आज निगम की माली हालत हो चुकी है।

शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में सत्ती ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस के निठलेपन्न के चलते नगर निगम आज आर्थिक तंगी से गुजर रही है। कभी बाहरी राज्यों की नगर निगम को कर्जा देने वाली शिमला नगर निगम पर आज सिंचाई व बिजली विभाग की 100 करोड़ की देनदारियां हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए जनता से इस बार निगम में परिवर्तन के लिए वोट देने की अपील की।

एक सवाल के जवाब में सत्ती ने कहा कि आवश्यकता पडऩे पर मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल भी चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतर सकते हैं। उन्होंने कहा कि शहर के कई वार्डों से कार्यकर्ताओं की ऐसी मांग आई है।

सत्ती ने कहा कि भाजपा जब-जब सत्ता में आई, विकास और सुशासन का नया मॉडल पार्टी ने लोगों को दिया। प्रदेश भाजपा का साढे चार साल का शासन इसका गवाह है। भापना ने चुनावी घोषणा पत्र को सरकारी दस्तावेज बनाया और जनता से किए वायदों से अधिक काम करके दिखाया। उन्होंने कहा कि निगम चुनावों में सता पर काबिज होकर भाजपा नगर निगम की खोई प्रतिष्ठा को वापिस दिलाने का प्रयास करेगी।

कांग्रेस को घेरते हुए सत्ती ने कहा कि कांग्रेस हमेशा भाजपा पर आर्थिक सहायता नहीं देने का रोना रोती आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2002 में नगर निगम का 75 करोड़ की देनदारियां भाजपा ने चुकाईं। इसके बाद सता पर काबिज कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान 5 सालों में 34.3 करोड़ अनुदान नगर निगम को दिया जबकि पिछले साढ़े चार सालों के दौरान भाजपा सरकार 80.40 करोड़ निगम को सहायता राशि के तौर पर दे चुकी है। उन्होंने कहा कि शहर में कांग्रेस पार्किंग के मुद्दे पर कभी भी संजीदा नहीं दिखी। जबकि भाजपा सरकार ने संजौली, लिफट व शहर के अन्य क्षेत्रों में विकास कार्यो में नगर निगम का सहयोग किया।

कांग्रेस के साथ माकपा पर निशाना साधते हुए सत्ती ने कहा कि निगम चुनावों में माकपा अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस का साथ देती आई है। माकपा ने दो बार नगर निगम में कांग्रेस को शासन दिलाने में मदद की है। कांग्रेस और माकपा का कभी भी विकास का एजेंडा नहीं रहा।

नगर निगम शिमला के लिए मतदान 27 मई को होगा। 28 मई को मतगणना की जाएगी और इसी दिन चुनाव परिणाम घोषित होंगे।