दृष्टिहीन जनसंगठन का मांगों को लेकर धरना

शिमला,15 मई।

सरकारी नौकरियों में दृष्टिहीनता के फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर लगे लोगों को बर्खास्त करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर दृष्टिहीन जन संगठन ने मंगलवार को स्थानीय बस स्टेंड़ से सचिवालाय तक रोष मार्च निकाला और सचिवालय के बाहर धरना दिया। इस दौरान प्रदेश भर से आए दृष्टिहीनों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे बाजी की। बाद में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एस.के. दास ने उन्हें बैठक के लिए आमंत्रित किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा दृष्टिहीनों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार के आश्वासन के बाद धरना स्थगित कर दिया गया। 

बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के विशेष सचिव जे.सी.चौहान, दृष्टिहीन जन संगठन के अध्यक्ष शोभूराम, सोहन सिंह, राजेन्द्र सैपेहिया, अनिल कुमार और सुनील कुमार के अतिरिक्त उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो0 अजय श्रीवास्तव भी शामिल हुए।
दृष्टिहीन जनसंगठन के अध्यक्ष शोभूराम ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार की नौकरियों में दृष्टिहीनों के लिए आरक्षित पद ऐसे लोगों ने हथिया लिए हैं जो वास्तव में दृश्ष्हिीन नहीं हैं लेकिन गलत तरीके से दृष्टिहीनता का प्रमाण पत्र बनाया हुआ है। एस.के. दास ने आश्वासन दिया कि ऐसे लोगों के नाम उन्हें दिए जाएं तो वे उचित जांच करवाने को तैयार हैं।

शोभूराम का कहना था कि  दृश्टिहीनों के लिए आरक्षित बैक लॉग पद  पर उन लोगों को नियमित कर दिया जाए जो पहले से ही अनुबन्ध या दैनिक भौगी आधार पर कार्य कर  रहे हैं।

उन्होंने चतुर्थ श्रेणी के पदों पर दृश्टिहीनों को शैक्षणिक योग्यता में पूरी छूट देने,दृष्टिहीन कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी आवास देने, एच.आर.टी.सी. की बसों में एक सहायक के साथ वहां तक मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की मांग की जहां तक बस जाती है।