टिकट आबंटन में बंदरबांट हुआ तो कांग्रेस के लिए जीतना कठिन : वीरभद्र सिंह

शिमला, 04 मई ।

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि आगामी नगर निगम शिमला के चुनाव में कांग्रेस को अपनी जीत को बरकरार रखना है तो सशक्त, शिक्षित एवं जनाधार वाले लोगों को ही पार्टी का टिकट देना होगा।

पहली बार मेयर और डिप्टी मेयर के सीधे हो रहे चुनावों को महत्वपूर्ण मानते हुए वीरभद्र सिंह ने कहा कि मेयर का दावेदार ऐसा उम्मीदवार होना चाहिए, जिसकी पहाड़ी और शहरी मतदाताओं के बीच अच्छी पैठ हो। अगर टिकट आबंटन में बंदरबांट का प्रयास हुआ तो पार्टी के लिए जीतना मुश्किल हो जाएगा।  कांग्रेस पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक के उद्देश्य से एक दिन पहले शिमला पहुंचे वीरभद्र आज यहां अपने निवास स्थान होलीलॉज में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में बोल रहे थे।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि पार्टी कार्यालय शिमला में शनिवार को पार्टी कांग्रेस कमेटी की बैठक होगी, जिसमें प्रदेश के आला अधिकारियों के अलावा केन्द्रीय मंत्री आन्नद शर्मा भी आएंगे। बैठक में नगर निगम के मेयर और डिप्टी मेयर सहित सभी प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा की जायेगी और अंतिम रूप दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि अभी हमारा ध्यान मात्र नगर निगम चुनावों पर ही केंद्रित है।

मेयर के लिए हरीश जनार्था की दावेदारी पर वीरभद्र ने कहा कि मैं जीतने की क्षमता रखने वाले उम्मीदवार के साथ हूं। जनार्था की मतदाताओं में अच्छी पकड़ है तो उन्हें टिकट देने पर आपति नहीं होनी चाहिए। वर्तमान में डिप्टी मेयर हरीश जनार्था को वीरभद्र के कट्टर समर्थकों में से बताया जाता है। पिछले निगम चुनावों में कांग्रेस के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लडऩे पर उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया था। गत दिनों ही उनकी पार्टी में वापसी हुई है।

मुख्यमंत्री घोषित करने पर पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि यह मेरा मत है कि ‘‘हिमाचल ही नहीं बल्कि पूरे देश और राज्यों में भी कांग्रेस की नीति में परिवर्तन कर विधानसभा चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री को प्रोजेक्ट करना चाहिए’’, जिससे लोगों को अपने नेता के बारे में जानकारी हो की किसके लिए चुनाव लड़ रहे है। पंजाब के बारे में उन्होंने कहा कि काफी देर से मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की गई, जिसका फायदा कांग्रेस को नहीं मिला।