जेपी घपला : दोषी अधिकारियों पर होगी कार्यवाही : धूमल

 

शिमला, 07 मई ।

मुख्यमंत्री प्रो0 प्रेम कुमार धूमल ने जेपी कंपनी पर प्रदेश हाईकोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए पूर्व की कांगे्रस सरकार तथा उस समय के अधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।

धूमल ने सोमवार को शिमला में एक पत्रकार वार्ता में कहा कि कांग्रेस के जो नेता जेपी में हुई गड़बड़ी के लिए प्रदेश सरकार को दोषी ठहरा रहे हैं, वे उस समय कैबिनेट मंत्री थे। उन्होंने कहा कि जेपी में हुए गोलमाल पर सतर्कता विभाग जांच कर रहा है तथा इसके लिए दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की जाएगी। संबंधित अधिकारियों पर जिम्मेदारियां तय की जाएंगी तथा पूरी पारदर्शी से जांच होगी।

धूमल ने कहा कि यह घपला कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान हुआ है। इस सबके लिए उस वक्त के लोकल अधिकारी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि उस समय के एक सरकारी आफिसर को कंपनी ने उंचे ओहदे पर नियुक्त किया है। यह भी जांच का विषय है। जांच तफतीश के बाद सारी स्थिति स्पष्ट  हो जाएगी। एक प्रश्र के उत्तर में धूमल ने कहा कि उस समय के अधिकारी यदि वर्तमान में सेवानिवृत होंगे तब भी उन पर कानून के मुताबिक कार्यवाही होगी।

धूमल ने हाईकोर्ट की जजमैंट का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2004 में कांग्रेस कार्यकाल के दौरान नियमों को ताक पर रखकर प्लांट का निर्माण बिना भूमि के हस्तांतरण के शुरू करवा दिया गया था। 9 जुलाई 2004 को कांग्रेस कार्यकाल के समय में जेपी के साथ एमओयू साइन किया गया। इसके बाद 16 सितंबर 2004 को सिंगल विंडो ने अनुमति प्रदान की। कंपनी ने प्लांट कास्ट 100 करोड़ से नीचे रखा ताकि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी की आवश्यकता न पड़े। 2 नवंबर 2004 को ही प्रदूषण नियंत्रण वोर्ड ने स्वीकृति दी। इसी वर्ष कंपनी ने निर्माण कार्य शुरू किया। इस पर हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है कि प्रदेश में लैंड एक्ट माफिया की तरह काम कर रहा है।

हाईकोर्ट की पेज नं 62 की जजमैंट का जिक्र करते हुए धूमल ने कहा कि बिना भूमि का चयन किए 325 बीघा भूमि का एमओयू साइन किया गया। उन्होंने कहा कि इस सारे मामले में उस समय के अधिकारी नपेंगे। कंपनी ने बेलेंस सीट में अलग मूल्य दिखाया तथा प्रोजेक्ट की लागत अलग बताई इसके लिए हाईकोर्ट ने 100 करोड़ का जुर्माना लगाया है।

जेपी को थर्मल प्लांट की अनुमति देने पर धूमल ने कहा कि राज्य सरकार ने जेपी को बायोमास आधारित प्लांट लगाने की इजाजत दी है। भारत सरकार ने बायोमास पर आधारित प्लांट लगाने की नीति बनाई है। इसी के तहत अनुमति दी गई है। दूसरे राज्यों में भी बायोमास प्लांट चल रहे हैं। राज्य सरकार ने जेपी को कोयला आधारित थर्मल प्लांट लगाने की इजाजत नहीं दी  है।