जमाखोरी व मुनाफाखोरी करने पर जिला में 1256 दुकानदारों का चालान

शिमला, 10 मई। 

शिमला जिला में जमाखोरी व मुनाफाखोरी को रोकने के लिए विभागीय निरीक्षकों द्वारा पिछले वित वर्ष के दौरान 5285 निरीक्षण किये गये तथा 1256 दुकानदारों के विरूद्व विभागीय कार्रवाही की गई। इस दौरान खाद्य एवं अन्य वस्तुएं, गैस सिलिण्डर तथा चालान सहित कुल 10.63 लाख रूपये की राशि दोषी दुकानदारों व व्यक्तियों से वसूली गई। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 14 नई उचित मूल्य की दुकानें खोली गई।

उक्त जानकारी देते हुए प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने गुरूवार को बताया कि इसी अवधि में ई समाधान से 48 शिकायतें निपटाई गई जबकि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत 52 आवेदनों का निपटारा किया गया।

प्रवक्ता ने बताया कि जिला शिमला में वर्तमान में 1,86,421 राशनकार्ड धारकों को कुल 513 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से उपभोक्ताओं को आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। जिला में गरीबी रेखा से नीचे बसर कर रहे करीब 31 हजार परिवारों को बीपीएल योजना के अन्तर्गत 35 किलो खाद्यान्न हर माह उपलब्ध करवाया जा रहा है। इन परिवारों को वित्त वर्ष 2011-12 के दौरान उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से 16121 किंवटल चावल तथा गन्दम उपलब्ध करवाया गया।
उन्होंने बताया कि गरीबी रेखा से उपर सभी परिवारों को साढ़े आठ रूपये किलो की दर से 25 किलो गन्दम आटा तथा दस रूपये किलो की दर से नौ किलो चावल के अलावा साढ़े 13 रूपये किलो की दर से प्रति व्यक्ति 700 ग्राम चीनी उपलब्ध करवाई जा रही है। इस अवधि के दौरान एपीएल परिवारों को 39357 किंवटल आटा तथा चावल सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाये गये।