चार्जशीट लीक होने की हाईकमान करे जांच : वीरभद्र सिंह

 

शिमला, 19 मई । केंद्रीय लघु, शूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग मंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि कांग्रेस की तथाकथित चार्जशीट के लीक होने की जांच होनी चाहिए। श्री सिंह ने कहा कि इस प्रकरण की वास्तिवकता जानने के लिए केंद्रीय हाईकमान को इसकी जांच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मान लिया जाए कि यह असली चार्जशीट है तो इसका लीक होना दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कारवाई अमल में लाई जाए। वीरभद्र सिंह शनिवार को शिमला प्रवास के दौरान अपने निवास स्थान हॉलीलाज में पत्रकारों से बातचीत में बोल रहे थे।

हालांकि श्री सिंह ने कहा कि वे चार्जशीट कमेटी के सदस्य नहीं हैं न ही उन्होंने कांग्रेस की चार्जशीट अभी तक पढ़ी है। इसलिए वे इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहते। लेकिन आलाकमान इसका पता लगाए कि चार्जशीट लीक हुई है या नहीं।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश कांग्रेस ने विधायक जीएस बाली की अध्यक्षता में पिछले साल पांच सदस्यों की एक कमेटी बनाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ चार्जशीट बनाने का जिम्मा सौंपा था। इसे हाल ही में कांग्रेस आलाकमान को सौंपा गया था।

गत वीरवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कांगे्रस की बनाई चार्जशीट मीडिया के समक्ष जारी करने का दावा किया था। सत्ती ने चार्जशीट के 61 पन्ने जारी करते हुए दावा किया कि यह वही चार्जशीट  है, जिसे कांग्रेस को जारी करना था। सत्ती ने कांग्र्रेस को चुनौती दी थी कि कांग्रेस अगर इसे स्वीकार नहीं करती है तो वह दो दिन में अपनी चार्जशीट सामने लाए। उधर प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष ठाकुर कौल सिंह और जीएस बाली ने भाजपा के दावों को झूठा बताया था।

जेपी कंपनी पर प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले पर बोलते हुए सिंह ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान कंपनी का बघेरी थर्मल प्लांट लगाने का प्रस्ताव मंजूरी के लिए आया था। जिसे उस दौरान हिमाचल सरकार की नीति के खिलाफ होने के कारण रद्द कर दिया गया था। लेकिन भाजपा ने सता में आते ही इस नीति को बदलकर कंपनी के 25 से 60 मेगावाट थर्मल प्लांट लगाने की इजाजत दे दी। उन्होंने कहा कि अब भाजपा सरकार दूसरों पर आरोप मढऩे में लगी है।