केन्द्र जल्द जारी करे हिमाचल के चार हजार करोड़ : शांता कुमार

 पालमपुर, 02 मई।

भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष एवं हिमाचल प्रदेश के राज्यसभा सांसद शान्ता कुमार ने केन्द्र से उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुसार पंजाब पुर्नगठन अधिनियम 1966 के तहत बिजली परियोजनाओं एवं अन्य सांझी संपत्तियों में मिलने वाले हिस्से की कुल चार हजार करोड़ रूपये की अदायगी हिमाचल को अति शीघ्र करने का अनुरोध किया है। उन्होने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस ऐतिहासिक निर्णय से हिमाचल प्रदेश को 50 वर्षो के बाद राहत प्रदान की है। इसलिए केन्द्र सरकार ्र हिमाचल कर अयादगी को जल्द प्रदान करें।

राज्यसभा में बुधवार को एक विशेष उल्लेख के माध्यम से शान्ता कुमार ने कहा कि वर्ष 1966 में पंजाब के पुनर्गठन के बाद हिमाचल प्रदेश में भी पंजाब राज्य का कुछ क्षेत्र सम्मिलित किया गया था। लेकिन राजनैतिक अनदेखी के कारण इस पुनर्गठन अधिनियम के अन्तर्गत मिलने वाले वाजिब अधिकारों से हिमाचल प्रदेश को सदैव वंचित रखा गया। 

उन्होने कहा कि  इस अधिनियम के तहत हिमाचल को सांझे पंजाब की संपत्तियों पर 7.10 प्रतिशत हिस्सा मिलना था।  अब सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल के पक्ष में निर्णय दे कर राज्य को राहत प्रदान की है। इस निर्णय के अनुसार पंजाब तथा हरियाणा सरकारों द्वारा 4,000 करोड़ रूपया हिमाचल को देना होगा। दोनों सरकारें बिना किसी कारण के इस धन की हिमाचल को अदायगी पर बिलम्ब कर रही हैं क्योंकि इन राज्यों की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं हैं।

शान्ता कुमार ने कहा कि छोटा सा हिमाचल प्रदेश सीमित साधनों के कारण आर्थिक संकट में है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हो रहा।  केन्द्रीय कानून का पालन कराना केन्द्र की जिम्मेदारी थी लेकिन केन्द्र खामोश रहा।  इस विलम्ब में केन्द्र सरकार की भी गलती है। 

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार हिमाचल को देय चार हजार करोड़ पंजाब व हरियाणा सरकारों से किश्तों में वसूल करें।  उन्होंने कहा कि दो हजार करोड़ रूपये केन्द्र की ओर से हिमाचल को अविलम्ब दिए जाएं ताकि हिमाचल प्रदेश आर्थिक संकट से अति शीघ्र निजात पा सके।