उच्च न्यायालय द्वारा जेपी पर दिए निर्णय के मामले में पूर्व की कांग्रेस व केन्द्र सरकार दोनों दोषी : धूमल

शिमला, 13 मई। 

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा जेपी लिमिटेड पर दिए गए निर्णय के बाद खडा हुए राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप का दौर लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को शिमला में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि जय प्रकारश एसोशिएन मामले पर वर्तमान भाजपा सरकार कतई भी दोषी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर जो कि स्वीकृतियां दी गई वह पूर्व की कांग्रेस सरकार व केन्द्र सरकार द्वारा ही दी गईं।

धूमल ने कहा कि जेपी कम्पनी को थर्मल पावर प्लांट लगाने की स्वीकृति पूर्व की कांग्रेस सरकार द्वारा 8 अप्रैल 2004 को दी गई जबकि 9 जुलाई 2004 को कम्पनी के साथ एमओयू साईन किया गया। 16 सितंबर 2004 को कम्पनी को 25 मैगावाट का थर्मल पावर प्लांट लगाने की भी मंजूदी दे दी गई।

धूमल ने कहा कि कम्पनी ने थर्मल पावर प्लांट की कीमत को सौ करोड़ से कम करके 90 करोड़ कर दिया ताकि केन्द्रीय पर्यावरण व वन मंत्रायल द्वारा दी जाने वाली पर्यावरण मूंलयाकन दर से वचा जा सके। धूमल ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा भेजी गई टीम ने पूरी तरह से कम्पनी की अनियमिततांओं को नजरअंदाज किया।

धूमल ने बताया कि सोलन जिला के नालागढ़ में जेपी कम्पनी का थर्मल पावर प्लांट लगाने को लेकर उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय से हम सहमत हैं और न्यायालय के निर्णय में जो-जो अनियमिततांए कहीं गई उस पर कार्यवाही की जाएगी।

धूमल ने कहा कि जब इस मामले पर जन सुनवाई की गई को लोगों ने प्लांट का पूरी तरह से विरोध किया और यहां तक की जनसुनवाई के दौरान हाजरी लगाने वाली शीट को भी फाड़ दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जबकि वर्तमान सरकार ने इस मुद्दे पर जनसुनवाई भी करवाई है।

धूमल ने केन्द्रीय मंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा इस दावे को खारिज किया कि कांग्रेस सरकार ने थर्मल प्लांट को रद्द किया है और दोषी अधिकारयों के खिलाफ जाचं के आदेश दिए हैं। धूमल ने कहा कि यह सब केवल कागजों पर ही किया गया लेकिन किसी भी दोषी को सजा नहीं दी गई।

धूमल ने कहा कि वर्तमान सरकार ने थर्मल पावर प्लांट लगाने का पूरी तरह से विरोध किया है और उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय का पूरी तरह से सम्मान करती है। सीमेंट प्लांट लगाने की स्वीकृति भी 18 अगस्त 2004 को दी गई थी और पर्यावरण नियत्रंण बोर्ड द्वारा 2 नवंबर 2004 को इसे कनसन दी गई और उसी दिन कम्पनी ने काम आंरभ कर दिया।