आतिथ्य सत्कार प्रशिक्षण पर खर्च होंगे 19.34 करोड़ रुपये

शिमला, 11 मई। 

 पर्यटन विभाग की ‘हर गांव की कहानी’ योजना का दूसरा चरण शीघ्र सभी जिलों में आरंभ किया जाएगा। पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव सुदृप्तो रॉय ने शुक्रवार को शिमला में बताया कि ‘हर गॉंव की कहानी’ योजना के अर्न्तगत संबंधित उपायुक्त ग्रामीणों से उनके गॉंवों से जुड़ी कहानियां 15 जून, 2012 तक मंगवाएंगे। रॉय ने कहा कि कहानियों के चयन की प्रक्रिया के उपरान्त 15 अगस्त,  2012 से सम्बन्धित गॉंव में पर्यटन स्थलों को विकसित करना शुरु किया जाएगा।

‘हुनर से रोजगार’ कार्यक्रम के अर्न्तगत 6000 नवयुवकों को आतिथ्य सत्कार के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण शुरु किया जा रहा है जिसके अर्न्तगत 534 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही विभाग 7 औद्यौगिक प्रशिक्षण केन्द्रों में भी आतिथ्य सत्कार से सम्बन्धित पाठ्क्रम को सम्मिलित करने जा रहा है। इन पाठ्क्रमों पर 1400 लाख रुपये व्यय किये जायेंगे।

इस योजना के अंतर्गत पिछले वर्ष कांगड़ा जिला में मसरूर उत्सव का आयोजन किया गया था और प्रत्येक वर्ष दो दिवसीय मसरूर उत्सव का आयोजन किया जाएगा। मसरूर मन्दिर के प्रचार व प्रसार के लिए रेखांकित प्रिन्टों को तैयार करने का निर्णय लिया गया है जिसे जनसाधारण को उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने आशा जताई है कि वर्ष 2020 तक पर्यटन क्षेत्र से 15 प्रतिशत सकल घरेलू उत्पाद का लक्ष्य हासिल होगा।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2020 तक पर्यटन क्षेत्र में सबसे अधिक रोजगार सृजित होंगे। इस क्षेत्र की अपार सम्भावनाओं को देखते हुए साहसिक खेलों को और सुनियोजित ढंग से आयोजित किया जाएगा जिसमें पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा जाएगा। साहसिक पर्यटन के कारण राज्य में 25 प्रतिशत से अधिक सैलानी आकर्षित होते हैं।