अंतिम क्षणों में कार्यकर्ताओं में जान फूंक गए वीरभद्र

शिमला, 25 मई।

निगम चुनावों में विभिन्न राजीनतिक पार्टियों के चुनाव प्रचार पर आज विराम लग गया। अब चुनावी नतीजों को लेकर तमाम राजनीतिक अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं। प्रचार अभियान के शुरूआत से मंद पड़ी कांग्रेस पार्टी को अंतिम समय में उनके दिग्गज व कद्दावर नेता वीरभद्र सिंह के मोर्चा संभालने से राहत मिली है। प्रचार अभियान में अंतिम दो दिन लगाने के बाद सियासी हलचलों में भी उबाल आ गया है।

वीरभद्र के प्रचार में कूदने से जहां कार्यकर्ताओं के बीच स्पष्ट संदेश गया वहीं अन्य दलों के सामने भी चुनौती खड़ी हो गई है। वीरभद्र की जनसभाओं में लोगों की भीड़ जुटने से निगम पर कब्जा बनाए रखने की कांग्रेस में आस जगी है।

यहां बता दें कि वीरभद्र के चुनावी समर में आने से पहले चुनाव प्रचार की कमान प्रदेश अध्यक्ष कौल सिंह, विद्या स्टोक्स व विधायकों पर थी। मगर अधिकतर विधायक प्रचार अभियान से नदारद नजर आ रहे थे। वीरभद्र के मैदान संभालते ही विधायकों व कार्यकताओं की फौज भी प्रचार अभियान में जुट गई।

निगम चनावों के प्रचार अभियान के प्रथम चरण में कांग्रेस में भीतरघात का खतरा दिख रहा था। वहीं दूसरे राजनीतिक दल भी कांग्रेस में बंटाधार के चलते आसानी से निगम में काबिज होने की मंशा पाले थे। मगर वीरभद्र की सक्रियता से विरोधी दलों की चिंताए भी बढ़ गई हैं।
इस बार निगम चुनावों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ठाकुर कौल सिंह अपने समर्थकों को टिकटें दिलाने में सफल रहे हैं। लिहाजा यह माना जा रहा था कि चुनावों में जीत दिलाने का जिम्म भी कौल सिंह पर ही होगा। इससे पूर्व भी वीरभद्र-कौल के बीच नेतृत्व को लेकर होड़ मची हुई थी।
इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष कौल सिंह समर्थकों को चुनावों में अधिक वार्डों में टिकट मिलने से वीरभद्र के प्रचार अभियान में शामिल नहीं होने के कयास लगाए जा रहे थे। मगर अंतिम दौर में वीरभद्र ने एक स्वर में प्रचार कर कांग्रेस के पक्ष में लहर बनाने की कोशिश की। प्रचार के अंतिम दिन वीरभद्र ने खलीनी, बालूगंज, समिट्री, संजौली, कनलोग, चक्कर, अनाडेल, में चुनावी सभाएं कीं। पिछले कल उन्होंने न्यू शिमला, विकास नगर, मल्याणा, नाभा और कृष्णा नगर में जनसभाओं में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था।

अपने प्रचार अभियान के दौरान वीरभद्र ने उन वार्डों में जाकर जनसभाएं भी कीं जिनमें कौल समर्थक पार्षद खड़े थे। साथ ही पार्टी की महापौर पद की प्रत्याशी मधु सूद के पक्ष में जमकर प्रचार किया है। बहरहाल विधानसभा चुनावों से पहले दिग्गजों के एक मंच पर आने से भीतरघात का दंश झेल रही कांग्रेस पार्टी के लिए सुखद स्थिति है।