हिमाचल में शुरू हुआ नेशनल नॉलेज नेटवर्क

ऊना, 12 अप्रैल।

वीरवार को हिमाचल प्रदेश नेशनल नॉलेज नेटवर्क से जुड गया।  मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने जिला ऊना के उपायुक्त कार्यालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये महत्वाकांक्षी नेशनल नॉलेज नेटवर्क का शुभारम्भ किया। इस प्रकार, प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय, एनआईटी, केन्द्रीय विश्वविद्यालय, टांडा मेडिकल कॉलेज, इंदिरा गांधी चिकित्सालय शिमला, भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला और आईआईटी मण्डी अत्याधिक हाई स्पीड नेशनल नॉलेज नेटवर्क सुविधा से जुड़ गए हैं।

यह सुविधा के मिलने से विद्यार्थी देश के किसी भी विश्व स्तरीय संस्थान से व्याख्यानों का लाभा उठा पाएंगे। नेशनल नॉलेज नेटवर्क के शुभारंभ अवसर पर भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार एवं नेटवर्क की उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष डा. आर. चिदम्बरम, केंद्र सरकार के वैज्ञानिक प्रौद्योगिकी सचिव प्रो. एस.पी राघवन, एनआईसी के महानिदेशक डा. बी.के गैरोला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों व प्रतिभागियों ने वीडियो कांफें्रसिंग के माध्यम से दिल्ली से बातचीत की।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के शीर्षक शिक्षण संस्थानों को उच्चतर गति की सुविधा से युक्त नेशनल नॉलेज सेंटर से जोडऩे के लिए राज्य एनआईसी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आई.आई.टी. मण्डी इस नेटवर्क के उपयोग के लिए श्रेष्ठ संस्थान बनकर उभरा है और इस संस्थान में दिए जाने वाले व्याख्यानों का रूडक़ी के विद्यार्थी लगातार लाभ उठा रहे हैं।

इस परियोजना के शुभारम्भ अवसर पर मुख्य सचिव सुश्री हरिन्द्र हीरा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अजय मित्तल, एनआईसी, हिमाचल प्रदेश के निदेशक डा. सौरभ गुप्ता सहित राज्य सूचना अधिकारी और प्रदेश सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी सीपीआरआई, शिमला से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।
नेशनल नॉलेज नेटवर्क का उद्देश्य ऐसे संस्थानों की स्थापना है जिनमें गुणात्मक शोध सुविधाएं उपलब्ध हों तथा उच्च स्तर के प्रशिक्षित व्यवसायी तैयार किए जा सकें।

डा. सौरभ गुप्ता ने वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से मुख्यमंत्री और अन्यों का करते हुए नेशनल नॉलेज नेटवर्क के माध्यम से विद्यार्थियों और सरकारी कार्यालयों को प्राप्त होने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।