हिमाचल उच्च न्यायालय का आदेश तहसीलदार को करो पेश

शिमला, 12 अप्रैल ।

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एसएचओ शिमला को निर्देश दिए हैं कि वह तहसीलदार (ग्रामीण) शिमला को शुक्रवार को न्यायालय में पेश करें। मुख्य न्यायाधीश कुरियन जोसेफ और न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी की खंडपीठ ने मामले का अवलोकन कर पाया कि तहसीलदार न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं।

न्यायालय ने पाया कि तहसीलदार को नौ अप्रैल को न्यायालय में हाजिर रहने के आदेश दिए थे और उन्हें याचिकाकर्ता ने इसकी जानकारी भी दे दी थी। बावजूद इसके वे न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए। उसके बाद न्यायालय ने जिलाधीश को आदेश दिया कि वे तहसीलदार की उपस्थिति 11 अप्रैल के लिए सुनिश्चित करें, लेकिन वे फिर नहीं आए। इन तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने एसएचओ सदर को निर्देश दिए कि वे तहसीलदार को 13 अप्रैल को उच्च न्यायालय में पेश करें।

उल्लेखीनय है कि मशोबरा ब्लॉक के तहत भटमाना बस स्टैंड से धारवीधार रोड के निर्माण को लेकर दायर याचिका में तहसीलदार (ग्रामीण) को आदेश दिए थे कि वे उक्त सडक़ के निर्माण से संबंधित भूमि की डिमार्केशन रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष रखें और स्वयं भी उपस्थित रहें। तहसीलदार नौ अप्रैल को भी उपस्थित नहीं हुए और 11 अप्रैल को भी नहीं। इस पर हाईकोर्ट ने उपरोक्त आदेश दिए।