स्वतंत्रता सैनानी सदा राम चंदेल का निधन

शिमला, 28 अप्रैल । 

 स्वतंत्रता सैनानी सदा राम चंदेल का शनिवार सुवह उनके डगशाई स्थित निवास स्थान पर निधन हो गया। वे 92 वर्ष के थे और काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। मूल रूप से बिलासपुर के गांव पालटी के रहने वाले श्री चंदेल 1965 से डगशाई में रह रहे थे। उनके परिवार में उनकी 80 वर्षीय धर्मपत्नी कृष्णा देवी के अलावा उनके तीन पुत्र और चार पुत्रियां शामिल हैं।
         

उनका आज डगशाई में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार कसौली ललित शर्मा ने स्वतंत्रता सैनानी की अंत्येष्टि में भाग लिया और सरकार की ओर से पुष्पांजलि अर्पित की।

श्री  चंदेल के निधन पर स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद मंत्री डा. राजीव बिंदल, लोकसभा सांसद वीरेन्द्र कश्यप, कसौली के विधायक डा. राजीव सैहजल ने गहरा शोक प्रकट किया है। 

स्वतंत्रता सैनानी श्री चंदेल का जन्म रामसरण चंदेल के घर 20 दिसम्बर 1920 को बिलासपुर जिला के गांव पालटी तहसील घुमारवीं में हुआ था। वह 16 वर्ष की उम्र में अपना घर छोडक़र आजादी की लड़ाई के लिए निकल पड़े और नेताजी सुभाष चंद बोस की आई.एन.ए. में शामिल हुए। वह आईएनए में शामिल होने वाले सबसे प्रथम सदस्यों में से एक थे। आई.एन.ए. में सेवारत होने के दौरान वह सिंगापुर, जापान और मलेशिया आदि में कार्यरत रहे। उन्हें आजादी की लड़ाई में सक्रिय हिस्सा लेने के कारण काला पानी की सजा भी भुगतनी पड़ी थी।   
वह 1947 में मद्रास आए और 1950 में हिमाचल पुलिस में भर्ती हुए तथा 1977 में पुलिस सेवा से सेवानिवृत हुए थे। 15 अगस्त 1972 को तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने इन्हें देश के लिए उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने के लिए ताम्रपत्र से सम्मानित किया।