सिख छात्र को पटका पहन कर स्कूल आने के फरमान पर सिंह सभा और भाजपा भडक़ी

शिमला, 26 अप्रैल ।

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित एक पुराने प्रतिष्ठित निजी स्कूल के प्रधानाचार्य ने सिख समुदाय के एक बच्चे को पगड़ी उतार कर पटका पहनकर स्कूल आने के निर्देश दिए। शिमला में यह मामला जहां गरमाने लगा है वहीं इससे गुरूद्वारा श्री सिंह सभा शिमला भडक़ उठी है तथा उसने स्कूल प्रबंधन से इस तुगलकी फरमान को वापिस लेने की अपील की है । वहीं प्रदेश भाजपा ने स्कूल प्रबंधन से इसके लिए माफी मांगने को कहा है।
प्रिसिंपल के ऐसा निर्देश देने पर गुरद्वारा श्री गुरू सिंह सभा ने कड़ा संज्ञान लेते हुए इसे समुदाय का अपमान बताया है। सभा के अध्यक्ष जसविन्द्र सिंह ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि ‘‘राजधानी के जानमाने और पुराने एक अंग्रेजी स्कूल की प्रिसिंपल ने समुदाय के एक छात्र को स्कूल में पगड़ी पहनने से इन्कार किया तथा उसे स्कूल से बाहर कर पटका पहन कर स्कूल आने के निर्देश दिये।’’

उन्होंने बताया कि ‘‘हम किसी स्कूल की आलोचना नहीं करना चाहते लेकिन उन्होंने प्रिंसिपल द्वारा किए गये इस एक्शन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।’’ सभा के अधिकारियों ने बताया कि जब प्रिसिंपल से इस विषय में बातचीत करनी चाही तो उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से मिलने से साफ इन्कार कर दिया। उसके बाद सिंह सभा ने चर्च के अधिकारियों और स्कूल के मेनैजर से भी इस विषय में बातचीत की लेकिन अभी तक प्रिंसिपल के इस रवैये पर कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने मांग की कि इस निर्णय को तुरंत वापिस लिया जाए क्योंकि दुनियां में किसी भी स्कूल में इस प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। इस अवसर पर सिंह सभा के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे।
उधर हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी प्रवक्ता गणेश दत ने उक्त घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि स्कूल के प्रिंसीपल को अपने तुगलकी फरमान को तुरन्त वापिस लेने चाहिए तथा भविष्य में इस प्रकार की हरकतों से परहेज करना चाहिए।
गणेश दत ने कहा कि सिक्ख समुदाय को पगड़ी उनके त्याग और बलिदान के कारण प्राप्त हुई हैं। पगड़ी स मान की सूचक है तथा पगड़ी उतरवाना एक निन्दनीय घटना हैं। दत ने कहा कि कभी कभार विदेशों में ऐसी घटना सुनने को मिलती थी लेकिन भारत में इस प्रकार की घटना अभी तक नहीं देखी नहीं गई है।

पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि गुरू गोविन्द सिंह, गुरू तेग बहादुर तथा सभी सिक्ख गुरू सभी भारतीयों के लिये श्रद्धा के केन्द्र हैं तथा आज समाज में बहुत से परिवार सिक्ख अनुयायी हैं जो कुछ केश रखते हैं तथा कुछ केश नहीं रखते ये सभी भारत माता के पुत्र हैं।

भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि इस घटना से शिमला के सभी सम्रान्त नागरिक परेशान हैं तथा सभी में भारी रोष व्याप्त हैं इसलिए स्कूल को तुरन्त इस विषय में अपनी गलती का एहसास करते हुए इसके लिए खेद प्रकट करना चाहिए।