शिमला में नगर निगम चुनावों का बिगुल वजा, मेयर लिए भाजपा और कांग्रेस में मारामारी

 शिमला, 27अप्रैल।

शिमला नगर निगम चुनावों को फतेह करने के लिए सियासी पार्टियों ने अपनी ताकत झौंकनी शुरू कर दी है। मई माह में प्रस्तावित निगम चुनावों के मद्देनजर अभी तक केवल कामरेडों ने ही मेयर व डिप्टी मेयर पदों के लिए अपना प्रत्याशी घोषित किया है। माकपा ने मेयर पद को संजय चौहान और डिप्टी मेयर को टिकेंद्र पंवर पर दाव खेला है। निगम में पहली बार इन पदों के लिए सीधा चुनाव होगा। जबकि भाजपा और कांग्रेस में टिकटों के लिए घमासान मचा है। दोनों पार्टियों में मेयर की कुर्सी के लिए कई दावेदारों ने अपना दावा ठोका है।  दोनों राजनीतिक दलों के दर्जनों से ज्यादा उम्मीदवार दिग्गजों के सहारे टिकट लेने की कवायद में जुटे हैं।

भाजपा से अभी तक टिकट के दावेदारों में हिमुडा के उपाध्यक्ष गणेश दत, अशोक कपाहटिया, तरसेम भारती, प्रदीप कश्यप, संजय शूद, रमेश सूद आदि हैं। इसके अलावा नगर निगम के पार्ष संजय सूद और जिला शिमला अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रधान चमन ने भी मेयर पद के लिए टिकट का दावा जताया है। मेयर पद पर टिकट न मिलने की सूरत में प्रत्याशियों द्वारा डिप्टी मेयर के लिए दावा जताने की संभावना है।

कांग्रेस पार्टी में भी दिग्गजों की आपसी गुटबाजी के चलते मेयर की कुर्सी के लिए खींचतान चरम पर है। वीरभद्र सिंह के कट्टर समर्थक व वर्तमान में उपमहापौर हरीश जनार्था की कांग्रेस वापसी से उनके मेयर पद की टिकट मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं। जबकि अन्य दिग्गज कौल सिंह व आनंद शर्मा के सहारे टिकट की मंशा पाले हुए हैं। पूर्व महापौर नरेंद्र कटारिया, आदि भी टिकट की रेस में बने हुए हैं।

सूत्रों के मुताबिक सूद कम्यूनिटी से भाजपा की ओर से प्रत्याशी उतारने पर कांगे्रस भी दांव खेल सकती है। सूद कम्यूनिटी की शिमला शहर के वोटरों में खासी पकड़ मानी जा रही है और इससे पहले भी इस कम्यूनिटी से प्रत्याशी निगम चुनावों में जीतते आए हैं। कांग्रेस शहर में पहाड़ी वोटरों की भी बहुतायत होने के चलते अप्पर शिमला से भी प्रत्याशी को उतारा सकती है।