विधानसभा में पेश हुआ लोक आयुक्त बिल 2012

अप्रैल 4
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बुधवार को मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने लोक आयुक्त बिल 2012 विधानसभा में पेश किया। बिल पेश करते हुए मंख्यमंत्री ने कहा बिल में लोक आयुक्त को अधिक शक्तियां प्रदान की गई हैं। बिल में पंचायत सदस्य से लेकर मुख्यमंत्री तक को लोकसेवक के दायर में रखा गया है।

धूमल ने कहा कि विल पर सभी पक्षों से सुझाव मांगे गए थे। कई पक्षों से सुझाव आए हैं, उन्हें बिल में शमिल किया गया है।

विपक्ष के कई विधायकों ने कहा कि सरकार ने जल्दबाजी में बिल लाया है। कांग्रेस विधायक कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि विल को महत्वपूर्ण बिल बताते हुए कहा कि उन्हे बिल की कापी आज ही मिली है जबकि यह कापी उन्हें दो दिन पहले मिलनी चाहिए थी। उन्होने मांग की कि बिल पर चर्चा के लिए समय दिया जाए और बिल को विधानसभा की प्रवर समिति को भेजा जाए।

विधानसभा अध्यक्ष तुलसीराम ने कहा कि बिल पर शुक्रवार को विधानसभा में चर्चा रखी गई है। उन्होने कहा कि वीरवार दो बजे तक विधायक बिल पर अपने संसोधन दे सकते हैं।

विपक्ष के विधायक जीएस बाली ने आरोप लगाया कि यह विल कमजोर है और अण्णा टीम के सदस्यों ने प्रदेश सरकार के अधिकारियों के साथ बिल पर बैठक करने से मना कर दिया। जिस पर धूमल ने कहा कि प्रदेश से कोई भी अधिकारी टीम अण्णा के साथ मिलने नहीं गया था। धूमल ने कहा बिल विधानसभा में पेश किया गया है। बिल पर विधायकों की जो सहमति होगी वैसा किया जाएगा।

विधानसभा में आज पॉइंट आफ आटर के तहत कौल सिंह ने हिमाचल प्रदेश चयन बोर्ड हमीरपुर द्वारा र्क्लकों की भर्ती के लिए रविवार को होने वाली परीक्षा का मुद्दा विधानसभा में उठाया।
कौल ने कहा कि कई विद्यार्थियों के केन्द्र जिला मुख्यालय से वाहर आए हुए हैं जबकि वे जिला मुख्यालय के रहने वाले हैं। उन्होंने मांग की कि छात्रों की सुविधा को देखते हुए परीक्षा केन्दों को बदला जाए।
जिस पर मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने बताया कि र्क्लक की भर्ती के लिए रविवार को होने वाली परीक्षा के लिए 98 हजार आवेदन आए हैं। इसलिए परीक्षा केन्द्रों की समस्या आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा जहां जहां पर केन्द्र उपलब्ध थे, वहां पर परीक्षा के लिए केन्द्र प्रदान किए गए हैं। परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण परीक्षा केन्द्र बदल कर पाना संभव नहीं है।

छः बिल विधानसभा में पेश
बुधवार को विधानसभा में छः बिल पेश किए गए। जिसमें दो बिल मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, तीन बिल शिक्षा मंत्री आईडी धीमान और एक बिल स्वास्थ्य मंत्री राजीव बिंदल ने सदन में पेश किया। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने शिमला की सड़कों का उपयोग करने वालों तथा पैदल चलने वालों के लिए (लोक सुरक्षा और सुविधा) संसोधन विधेयक 2012 पेश किया। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने हिमाचल प्रदेश लोक आयुक्त विधेयक, 2012 भी सदन में पेश किया।
शिक्षा मंत्री आईडी धीमान ने हिमाचल प्रदेश प्राइवेट शिक्षा संस्था विनियामक आयोग संशोधन विधेयक 2012, आई.ई.सी विश्वविद्यालय विधेयक 2012 और करिअर पॉइंट विश्वविद्यालय विधेयक 2012 सदन में पेश किया। जबकि स्वास्थ्य मंत्री राजीव बिंदल ने हिमाचल प्रदेश नर्स रजिस्ट्रीकरण विधेयक 2012 सदन में पेश किया।

बिंदल के बिल पेश करने पर कांग्रेस ने किया वॉकआउट
आज विधानसभा में जब स्वास्थ्य मंत्री राजीव बिंदल सदन में हिमाचल प्रदेश नर्स रजिस्ट्रीकरण विधेयक 2012 पेष करने के लिए खड़े हुए तो समूचे विपक्ष ने बिंदल के मुद्दे पर सदन से वॉकआउट किया। जैसे की विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम ने बिल पेश करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री राजीव ंिबंदल का नाम पुकारा विपक्ष के सभी सदस्य सदन से वाहर चले गए।

नियम 324 में के तहत उठाए गए छः मुद्दे

विधानसभा में आज नियम 324 के तहत विधायकों ने छः मुद्दों को उठाया। पालमपुर से भाजपा विधायक प्रवीन कुमार ने कृषि विश्वविद्यालय को वितिय संकट से उभारने का मुद्दा उठाया। भटियात से कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह पठाानिया ने अपने विधानसभा क्षेत्र में समोत से बीना वाया खनौर सड़क के मैटलिंग व टॉरिंग का मुद्दा उठाया। जसवां से विधायक निखिल राजौर ने अपने विधानसभा क्षेत्र में ग्राम पंचायत जनडौर में विधायक क्षेत्र विकास निधि से जनहित में पानी के कनैक्शन उपलब्ध करवाने का मुद्दा उठाया। भाजपा विधायक आत्मा राम ने अपने विधानसभा क्षेत्र के तहत पंचरूखी में बस अड्डे का निर्माण का मुद्दा उठाया। भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने भारतीय खाद्य निगम के गोदाम को पालमपुर के भवारना में वनाने का मुद्दा उठाया।