प्रदेश भर में मनाया गया 65वां हिमाचल दिवस

शिमला, 15 अप्रैल।

हिमाचल प्रदेश में रविवार को प्रदेश का 65वां स्थापना दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। 15 अप्रैल 1948 को 31 पहाड़ी रियासतों के विलय से हिमाचल प्रदेश अस्त्तिव में आया था। इस अवसर पर राज्य एवं जिला स्तर पर समारोह आयोजित किए गए।

राज्य स्तरीय समारोह बिलासपुर जि़ला के गण्डीर में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने ध्वजारोहण किया तथा पुलिस, होमगार्ड, एन.सी.सी. (पुरूष एवं महिला) द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली।

प्रेम कुमार धूमल ने हिमाचल दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1948 में नगण्य से आरंभ कर हिमाचल प्रदेश ने तीव्र विकास किया है और आज यह न केवल देश के पहाड़ी राज्यों, बल्कि दूसरे राज्यों के लिए भी विकास का आदर्श बनकर उभरा है। सेब राज्य की ख्याति हासिल करने के उपरांत अब यह ‘फल राज्य’, ‘ऊर्जा राज्य’ तथा ‘पर्यटन राज्य’ बनने की दहलीज़ पर खड़ा है।

उन्होंने कहा कि सडक़, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजग़ार, स्वावलम्बन तथा स्वाभिमान प्रदेश सरकार की प्राथमिकताएं हैं और ध्येय भी, क्योंकि इनसे प्रदेश का विकास और प्रदेशवासियों की बेहतरी जुड़ी है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परशुराम पुरस्कार के अंतर्गत दी जाने वाली नकद राशि को 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार करने की घोषणा की। उन्होंने कुमारी प्रियंका को 10 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा भी की। कुमारी प्रियंका ने विश्व कब्बडी प्रतियोगिता में भारतीय टीम की ओर से भाग लिया था और भारतीय टीम ने यह प्रतियोगिता जीती थी। उन्होंने राज्य स्तर के चार प्रशिक्षकों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा भी की।

धूमल ने खिलाडिय़ों की आहार राशि को राज्य के भीतर 80 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये तथा राज्य से बाहर 125 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि लंदन में आयोजित होने वाले ऑलम्पिक खेलों में हिमाचल प्रदेश के जो खिलाड़ी स्वर्ण पदक जीतेंगे, उन्हें एक करोड़ रुपये, रजत पदक जीतने वाले हिमाचली खिलाडिय़ों को 50 लाख रुपये और कांस्य पदक जीतने वाले हिमाचली खिलाडिय़ों को 25 लाख रुपये प्रदान किये जांयेगे।
 
हिमाचल प्रदेश विधान सभा के उपाध्यक्ष रिखी राम कौंडल, विधायक रणधीर शर्मा और बलदेव शर्मा, मुख्य सचिव सुश्री हरिन्द्र हीरा, अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं ओ.एस.डी. एस.रॉय, पुलिस महानिदेशक डी.एस. मन्हास, महानिदेशक अन्य वरिष्ठ अधिकारी, स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व सैनिक तथा बड़ी संख्या में क्षेत्र के व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।