नगर निगम चुनावों के लिए सरगर्मियां तेज

शिमला, 12 अप्रैल।

शिमला नगर निगम के मई माह में प्रस्तावित चुनावों में आरक्षण की तस्वीर साफ होने के पश्चात सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रदेश विधानसभा के चुनावों से पहले सेमीफाइनल माने जाने वाले इन चुनावों में महिला आरक्षण लागू होने से कई भाजपा और कांग्रेस नेताओं के टिकट कटने निश्चित हैं। इस ऊहापोह में नेता पहली बार होने वाले मेयर और डिप्टी मेयर के चुनावों के लिए भी टिकट पाने की जुगाड़ में लगे हैं।

कांगे्रस के परंपरागत गढ़ को ध्वस्त करने के लिए भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने मोर्चो संभाल रखा है। गत दिनों शिमला में धूमल ने एक दिन के भीतर ही यातायात सुरंग सहित कई अन्य नवनिर्मित सार्वजनिक भवनों का लोकार्पण कर भाजपा के पक्ष में लहर बनाने का प्रयास किया है।
विधानसभा चुनावों से पहले होने वाले इन चुनावों में दोनों राजनीतिक पार्टियों को राजधानी के वोटरों में अपनी पकड़  का पता चलेगा। भाजपा और कांग्रेस के अलावा कामरेडों का भी शिमला शहर में काफी दबदबा रहा है। ऐसे में यहां त्रिकोणा मुकाबला होने के आसार हैं।

भाजपा के बागी नेताओं द्वारा गठित हिमाचल लोकहित पार्टी ने चुनाव न लडऩे का फैसला किया है मगर कांग्रेस व भाजपा दोनों ही पार्टियों को समर्थन न देने की बात भी कही है। हिलोपा ने निर्दलीय चुनाव लडऩे वाले स्वच्छ छवि के उम्मीदवारों को समर्थन देने की घोषणा की है।

शिमला नगर निगम में कुल 25 वार्ड हैं, इनमें 13 वार्डों पर आरक्षण के चलते महिला उम्मीदवार खड़ी होंगी।