धूमल ने की नाबार्ड ऋण पर ब्याज दर में बढ़ौतरी को वापिस लेने की मांग

शिमला, 20 अप्रैल।

मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री और केन्द्रीय वित्त मंत्री को पत्र लिखकर राज्य को उपलब्ध करवाए जा रहे नाबार्ड ऋण पर ब्याज दर में बढ़ौतरी को वापिस लेने का आग्रह करेगी।

मुख्यमंत्री  ने नाबार्ड की शुक्रवार को शिमला में हुई बैठक में भाग लेते हुए कहा कि वर्ष 2006-07 से लेकर वर्ष 2011-12 तक हिमाचल प्रदेश को नाबार्ड द्वारा 2235 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध करवाई गई है, जबकि राज्य की उपलब्धि 2300 करोड़ रुपये रही है। हालांकि राज्य के लिए इस वित्त वर्ष में ऋण सीमा 400 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जबकि नाबार्ड द्वारा विकास परियोजनाओं के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य उपलब्ध धनराशि का उपयोग तभी कर पाएगा, जब भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दर को कम किया जाए। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री और केन्द्रीय वित्त मंत्री को पत्र लिखकर आग्रह करेंगे कि ब्याज दर में कमी करने के राज्य सरकार के अनुरोध को स्वीकार किया जाए, ताकि नाबार्ड की चिन्हित विकास गतिविधियों के लिए और अधिक धनराशि उपलब्ध हो सके। इस मामले को भारत के योजना आयोग के प्रकाश में भी लाया गया है।