धर्मशाला स्थित क्रिकेट स्टेडियम को मिल रही है दिनों दिन अन्र्तराष्ट्रीय पहचान

शिमला, 15 अप्रैल।

13 अप्रैल 2012 को धर्मशाला के क्रिकेट स्टेडियम में भारत तथा इंग्लैंड के सांसदों के बीच एक मैत्रीपूर्ण मैच खेला गया।  जिससे यह स्टेडियम अंर्तराष्ट्रीय मैदानों की श्रेणी के साथ-साथ विश्व मानचित्र पर भी आ गया है। इस मैत्रीपूर्ण मैच के आयोजन का श्रेय सांसद एवं हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोशिएसन के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को जाता है।

हिमाचल प्रदेश को विश्व खेल मानचित्र पर लाने का श्रेय हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोशिएसन को जाता है, जिसने प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण व बर्फ से ढकी धौलाधार की पहाडिय़ों में स्थित धर्मशाला में एक क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण किया।

वर्ष 2002 में 60 करोड़ रुपये की लागत से 20,000 दर्शकों की क्षमता वाले क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण आरम्भ कर इसे वर्ष 2010 में क्रिकेट खेल प्रेमियों के लिए समर्पित किया गया। इस क्रिकेट स्टेडियम में अन्य मैचों के अलावा आई.पी.एल. मैचों तथा भारत व पाकिस्तान के मध्य क्रिकेट मैचों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

धर्मशाला में मैच खेलने आए भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन ने सुझाव दिया कि हिमाचल प्रदेश क्रिकेट  एसोशिएसन को इस क्रिकेट स्टेडियम में टैस्ट मैंचों का आयोजन आरम्भ करना चाहिए, क्योंकि यह न केवल देश के सुन्दरतम स्टेडियमों में से एक है, बल्कि यहां क्रिकेट खिलाडिय़ों के लिए हर प्रकार की सुविधा भी उपलब्ध है।

इंग्लैंड तथा भारत के सांसदों के बीच खेले गए मैत्री मैच जिसमें अन्तरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त खिलाड़ी भी शामिल थे, से दोनों देशों के बीच सदियों पुराने रिश्ते को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक नई पहल का आगाज़ हुआ है। हिमाचल प्रदेश से सांसद अनुराग ठाकुर जो हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोशिएसन के अध्यक्ष भी हैं, ने भारतीय टीम का नेतृत्व किया।

मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल ने दोनों देषों के सांसदों का पारंपरिक हिमाचली परंपराओं के अनुरूप शॉल एवं हिमाचली टोपी भेंट कर सम्मान किया। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोशिएसन के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने बताया कि धर्मशाला में निकट भविष्य में मैचों के आयोजन के लिए पड़ोसी देशों की टीमों को आमंत्रित किया जाएगा।