करमापा के खिलाफ मामला वापस लेगी हिमाचल सरकार

शिमला, 24 अप्रैल।

हिमाचल सरकार ने तिब्बती धर्मगुरू व 17वें करमापा त्रिनले दोरजी को राहत प्रदान करते हुए उनके खिलाफ आपराधिक मामलों को वापस लेने का फैसला लिया है। राज्य के गृह विभाग ने इस संबंध में उना के जिला मैजिस्टे्रट के.आर. भारती को निर्देश दिया है।

राज्य सरकार ने मंगलवार को विदेशी मुद्रा बरामदगी मामले में तिब्बती धर्मगुरू के खिलाफ केस न चलाने का निर्णय लिया है। मठ से बरामद विदेशी मुद्रा मामले में करमापा समेत नौ अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए गए थे।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने करमापा के खिलाफ जांच में कोई सबूत नहीं मिलने के कारण मामला न चलाने का फैसला लिया है। ऊना के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने मामले में शामिल करमापा और अन्य नौ लोगों से छह मार्च को व्यक्तिगत तौर पर अदालत में पेश होने के लिए कहा था, लेकिन राज्य से बाहर होने के कारण वह अदालत में पेश नहीं हो पाए थे।
गौरतलब है कि पुलिस ने पिछले वर्ष 28 जनवरी को धर्मशाला स्थित ग्यूतो तांत्रिक युनिवर्सिटी एवं बौद्ध मठ से 26 देशों की मुद्राएं बरामद की थी। इसमें 120,197 चीनी युआन और 53 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा भी शामिल थी। पुलिस ने इस मामले में आरोप पत्र सात दिसम्बर, 2011 को दाखिल किया था।