इंटरनेट से रखी जाएगी पंचायतों में विकास कार्य पर निगरानी

शिमला, 20 अप्रैल।

पंचायत क्षेत्र में किए जाने वाले कार्यों को मॉनीटरिंग साफ्टवेयर के माध्यम से ऑन लाईन किया जाएगा। यह कार्य मनरेगा की तर्ज पर किया जाएगा और इससे विकास कार्यांे के निष्पादन में और अधिक पारदर्शिता आएगी। इसके अलावा, ऑन लाइन होने से आम लोग भी इसे देख सकेंगे।

पंचायती राज विभाग के निदेशक डॉ. आर एन बत्ता ने बताया कि कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित बनाने के लिए विभागएक नियमावली तैयार करेगा जिसमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि तकनीकी अधिकारी व कर्मचारी किस प्रकार समय-समय कार्यांे का निरीक्षण करेंगे।

बत्ता ने कहा कि पंचायतों द्वारा निष्पादित किए जाने वाले विकासात्म्क कार्यों में गुणवत्ता लाने के दृष्टिगत निदेशालय स्तर पर एक डिजाईन सेल स्थापित किया जाएगा, जो तकनीकी कर्मचारियों को नई तकनीकों, कार्यों के प्राकलन व कार्यों का मूल्यांकन की जानकारी देने के साथ-साथ मापन पुस्तक के रख-रखाव के बारे में भी समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश देगा।

उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में कार्यरत सभी तकनीकी कर्मचारियों की तकनीकी क्षमतावृद्वि के लिए आवश्यक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। विशेषकर ऑटोकैड साफ्टवेयर की जानकारी प्रदान करने को प्राथमिकता दी जाएगी।