35 मंजिला कैमलॉट प्रोजेक्ट को हाईकोर्ट की हरी झंडी

चंडीगढ़।
पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के समीप कांसल में टाटा के महत्वाकांक्षी 35 मंजिला कैमलॉट प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई व जस्टिस महेश ग्रोवर की खंडपीठ ने कहा कि प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी तरह की मंजूरी लेने के बाद निर्माण कार्य आरंभ किया जा सकता है। 5५ पृष्ठों के फैसले में खंडपीठ ने कहा कि प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने से पहले प्रोजेक्ट आरंभ करने से पहले की सभी शर्तों व बाद में ली जाने वाली सभी जरूरी अनुमति हासिल करने के बाद निर्माण कार्य किया जा सकता है।
टाटा की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि प्रोजेक्ट के लिए कोर्डिनेशन कमेटी से मंजूरी लेने की बात कही गई जबकि कमेटी वर्ष 19८7 के बाद मिली ही नहीं। सिंघवी ने कहा कि कुल इलाके के महज 1१ फीसदी पर निर्माण कार्य होना है जबकि 89 फीसदी ग्रीन एरिया रखा गया है। इसके अलावा यह इलाका सुखना के कैचमेंट एरिया में नहीं है। वरिष्ठ वकील राजीव आत्मा राम ने कहा कि सुखना से महज सौ स्केवयर यार्ड पर माता मनसा देवी कांपलेक्स का निर्माण हुआ है। ऐसे में प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य को मंजूरी दी जाए।
कैपिटोल कांप्लेक्स के सामने 35 मंजिला इमारत के निर्माण को लेकर व शहर की पैराफेरी में अनियंत्रित विकास पर रोक लगाए जाने की मांग को लेकर चंडीगढ़ सेक्टर-२1 निवासी आलोक जग्गा ने हाईकोर्ट ने जनहित याचिका दायर कर रखी है। याचिका में कहा गया है कि बहुमंजिला इमारतों के निर्माण से चंडीगढ़ का हेरिटेज प्लान खराब हो जाएगा। यह इमारतें कैपीटोल कांप्लेक्स और शिवालिक पहाडिय़ों के बीच में आ जाएगी। इस निर्माण से दोनों के बीच का दृश्य समाप्त हो जाएगा।