14 दिन के अंदर देनी होगा खाद्य पदार्थों के सैम्पलों की टैस्ट रिपोर्ट

हरियाणा फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने अब खाद्य पदार्थों के सैम्पलों की टैस्ट रिपोर्ट 14 दिन के अंदर देनी अनिवार्य की गई है।

इस बारे मंे जानकारी आज फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) के आयुक्त सी आर राणा ने गुड़गांव मंे दी।

उन्होंने कहा कि गुड़गांव जैसे बड़े शहरों में एफडीए द्वारा मोबाईल टैस्टिंग लैब उपलब्ध करवाने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी को यदि खाने की वस्तु में गड़बड़ नजर आती है तो वह खाद्य सुरक्षा अधिकारी को सूचित करके उस वस्तु का सैम्पल ले सकता है परंतु झूठी शिकायत करने वाले व्यक्ति पर 50 हजार रूपए जुर्माने का भी अधिनियम में प्रावधान किया गया है ताकि कोई भी व्यक्ति अनावश्यक रूप से किसी दुकानदार को परेशान ना करे।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में खाद्य पदार्थों के सैम्पलों की जांच के लिए पंचकुला तथा करनाल मंे दो प्रयोगशालाएं हैं। इनके अलावा तीन प्राईवेट प्रयोगशालाओं को भी अधिकृत किया हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि 5 अगस्त, 2011 से लागू किए गए इस अधिनियम में खाद्य पदार्थों के 12 लाख रूपए वार्षिक से कम व्यापार वाले प्रतिष्ठान के लिए पंजीकरण करवाना अनिवार्य है और इससे अधिक व्यापार करने वाले प्रतिष्ठान को लाईसैंस लेना पड़ेगा।  राणा ने बताया कि पंजीकरण अथवा लाईसैंस प्राप्त करने के लिए अन्तिम तिथि 4 अगस्त, 2012 निर्धारित की गई है। उसके बाद जिन प्रतिष्ठानों या दुकानदारों के पास लाईसैंस या पंजीकरण प्रमाण-पत्र नहीं होगा तो यह समझा जाएगा कि वे गैर-कानूनी ढं़ग से अपना कारोबार चला रहे हैं जिसके लिए उन पर जुर्माना हो सकता है।

राणा ने कहा कि इस अधिनियम के दायरे मंे शराब की बार भी आती हैं। उन्होंने बताया कि सिविल सर्जन को डेजिग्नेट ऑफिसर नियुक्त किया गया है। इस अधिनियम में मामलों पर फैसला देने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त को अधिकृत किया गया है जिन्हें 90 दिन में मामले पर अपना फैसला देना होगा।

उन्होंने कहा कि हरियाणा फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) अपनी खुद की वैबसाइट बना रहा है, जिसके बन जाने के बाद उम्मीदवार अपना आवेदन ऑनलाइन भी भर सकता है। उन्होंने कहा कि खाद्य व्यापारियों के लिए एक हैल्पलाइन भी जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर जिले में एक खाद्य सुरक्षा अधिकारी लगाया गया है।