हिंसा व तोड़फोड़ रहित राजनैतिक आधार के मामले होंगे वापिस

शिमला, 29 मार्च
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष द्वारा पुलिस व सबंधित संगठनों पर लाए गए कटौती प्रस्ताव का जवाव देते हुए मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने सदन में बताया कि प्रदेश में राजनैतिक आधार पर कोई भी मामला दर्ज नहीं किय गया है। धूमल ने कहा कि जंहा भी धरना प्रदर्शन हुए हैं, जिनमें कोई भी हिंसा नहीं हुई है या फिर किसी प्रकार की सम्पति को नुक्सान नहीं पहुंचा है। उन मामले में अगर कोई मामला दर्ज है तो वह बापिस लिया जाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्री व केन्द्रीय मंत्री वीरभद्र सिंह के सीडी मामले पर वोलते हुए धूमलन कहा कि उस मामले में उस समय में कांग्रेस सरकार के ही एक विधायक न्यायालय लेकर गए थे। उन्होने कहा कि खुद पूर्व मुख्यमंत्री भी न्यायालय गए थे कि उनके खिलाफ जो सीडी जारी हुई थी उसके प्रचार पर 2007 के विधानसभा चुनाव में रोक लगाई जाए। धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार इस मामले में कोई हाथ नहीं है। हालांकि धूमल ने पूर्व की कांग्रेस सरकार पर चुटकी लेते हुए कहा कि उनके पिछले कार्यकाल में कैसे कांग्रेस पार्टी की सरकार ने उनके कम्पयूटर की हार्ड डिस्क की चयन अधीन वोर्ड मामले को लेकर फ्रारैंसिक जांच करवाई थी। जबकि जांच के बाद उस मामले में तत्कालीन सरकार के हाथ कुछ भी नहीं लगा था।

धूमल ने बताया कि कटौती प्रस्ताव में विपक्ष के विधायकों ने पुलिस के पास जिन हथियारों के होने की मांग की थी, वह पुलिस के पास पहले से ही मौजूद हैं। उन्होने बताया कि राज्य में आनलाईन या फिर एसएमएस से एफ. आई. आर दर्ज करने का प्रावधान है। धूमल के कहा कि अब तक एस. एम. एस. के माध्यम से 60 मामले दर्ज किए गए हैं।

पुलिस की वर्दी का रंग वदले जाने पर धूमल ने बताया कि इस मामले में सबंधित अधिकारी ने जो लिखा है उसकी जांच की जाएगी। अगर कोई अनियमिता पाई जाती है तो कार्यावाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में संगठित अपराध का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। धूमल ने कहा कि प्रदेश में जंगलों में आग लगने के मामलों में कमी आई है। उन्होने बताया कि साल 2010 में आग लगने के 497 मामले सामने आए थे जबकि साल 2011 में इनकी संख्या में 50 फीसदी से भी अधिक की कमी आई है जिससे यह संख्या कम होकर 245 हो गई है। धूमल ने कहा कि वर्ष 2011 में पांच सौ किलो की भुक्की पकड़ी गई है।

धूमल ने सदन को बताया कि हिमाचल प्रदेश देश में एकमात्र ऐसा राज्य है जहां पर होम गार्डों को पुलिस भर्ती, वन गार्ड और जेल वार्डन की भर्ती में 15 फीसदी का आरक्षण दिया जाता है। साथ में फायर मैन की भर्ती में सौ फीसदी के आरक्षण का प्रावधान है। धूमन ने कहा कि हिमाचल ही देश में एकमात्र ऐसा राज्य है जहां पर होम गार्ड को पूरे 58 साल तक सेवा करने का अवसर दिया जा रहा है।

धूमल ने बताया कि हिमाचल में प्रति लाख व्यकित की तुलना में पुलिस की दर  247 है जबकि देश में 130 है। हिमाचल में मामलों को निपटाने की दर 80 फीसदी है जबकि देश में यह दर 72 फीसदी है। धूमल ने बताया कि हिमाचल में अपराध की दर 195 फीसदी है जबकि चण्ड़ीगढ़ में यह 299 और हरियाणा में 240 फीसदी है। महिला अपराध की दर हिमचल में 15 फीसदी है जबकि देश में यह 18 फासदी और पड़ोसी राज्य हरियाणा में 22 फीसदी है।

मुख्यमंत्री के जवाव के बाद विधानसभा अध्यक्ष तुलसी राम ने विपक्ष के कटौती प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित करने के लिए रखा जोकि गिर गया।