हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट देर से आंरभ होन पर लगेगा जुर्माना धूमल

शिमला, 29 मार्च ।
हिमाचल प्रदेष में लग रहे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट समय पर आरंभ नहीं करने पर संबंधित प्रोजेक्ट को को जुर्माना भरना पड़ेगा। प्रोजेक्ट को एक्सटेंसन के लिए प्रति मैगवाट 10 हजार रूपये की राषि भरनी होगी। प्रदेश सरकार प्राजेक्टों में लेटलतीफी के लिए कोई समझौता नहीं करेगी। यह जानकारी मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने आज विधायक रूप सिंह के सवाल के उतर में प्रश्लकरल के दौरान सदन को दी। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट अॅलाट होने के बावजूद भी देरी से कार्य आरंभ करने से होने वाले नुक्सान से बचने के लिए सरकार ने मापदंड तय किए हैं।
मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने सदन को बताया कि राज्य में अभी तक 7 हजार मेगावाट विद्युत क्षमता का दोहन कर लिया गया है। उन्होने बताया कि इस साल बिजली वेचने से लगभग एक हजार करोड़ का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।
धूमल ने बताया कि राज्य में कुल 12798 मैगावाट की विद्युत परियोजनाओं पर काम चल रहा है। जिन्हें 13वीं पंचवर्षीय योजना के अन्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन परियोजनाओं से राज्य को 16270 मिलियन यूनिट मुफल बिजली प्राप्त होगी। जिससे वर्तमान औसतन दरों के हिसाव से 4393 करोड़ रूपयों का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा अनुमानित है।

सुंदरनगर के विधायक रूप सिंह ने कोल डैंम का काम धीमी गति से होने का मामला सदन में उठाया। इस पर धूमल ने बताया कि वन एवं पर्यावरण विभाग की पाबंदी के कारण इस प्रोजेक्ट के काम में देरी आई है। उन्होंने बताया कि कोल डैम के संबंध में सरकार एनटीपीसी से बात करेगी। धूमल ने अपै्रल 2013 तक कौल डैम के कार्य को शुरू करवाए जाने का आवश्वासन दिया।

एक अन्य प्रश्न के उतर में मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल में गत वर्षों में किए गए विकास के कार्यों की विश्व बैंक ने सराहनी की है। विश्व बैंक को हिमाचल ने पर्यावरण विकास, पर्यटन, जलविद्युत और ग्रामीण विकास के लिए 100 करोड़ रूपये का एक प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा है। इस बारे शीघ्र ही केंद्रीय वित मंत्री और विश्व बैंक के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में निर्णय लिया जाएगा।

विधायक दिले राम के सवाल के उतर में धूमल ने बताया कि गत तीन सालों के दौरान 2 और 5 मैगावाट क्षमता तक की कुल 247 लघु जल विद्युत परियोजएं 183 हिमाचलियों को दी गई हैं।

विधायक कुलदीप पठानिया के प्रश्न के उतर में ग्राम विकास एवं पंचायती राज मंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि चंबा में 59 सड़कों का निर्माण हुआ है, इसमें 48 सड़कों का निर्माण कार्य वन विभाग और 11 लोकनिर्माण विभाग ने किया है। वन विभाग के अधीन निर्मित 48 सड़कों में से 27 सड़कें बर्फबारी व भारी बरसात के चलते क्षतिग्रस्त हैं। वन विभाग द्वारा बनाई जा रही सड़कों की मेंटनेंस का कार्य मनरेगा और अन्य विभागीय स्कीमों द्वारा किया जा रहा है।

विधायक बाल कृष्ण चौहान के सवाल के उतर में सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री रविंद्र रवि ने बताया कि चंबा विधानसभा क्षेत्र की सूखाग्रस्त पंचायतों उटीप, लुडडु, बाट और बैली के लिए 22 फरवरी को 13,39,58,735 रूपये की योजना को तकनीकी मंजूरी प्रदान की गई है। इस योजना के लिए अप्रैल माह में औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।