सीमेंट कीमतों में बढ़ोतरी के लिए यूपीए सरकार जिम्मेदार: कपूर

Shimla, March 22
हिमाचल प्रदेष में सीमेंट कीमतों में वृद्धि के लिए क्रंेद्र की यूपीए सरकार जिम्मेदार है। केंद्र सरकार द्वारा सीमेंट पर एक्साइज टैक्स बढ़ाने से प्रदेष में सीमेंट के दामों में इजाफा हुआ है। यह जानकारी उद्योग मंत्री किषन कपुर ने आज प्रष्नकाल के दौरान संतोशगढ़ के विधायक मुकेष अग्निहोत्री के सवाल के जवाब में सदन को दी। कपूर ने बताया कि केंद्रीय बजट में 10 से 12 फीसदी एक्साइज कर सरकार द्वारा थोपा गया है। इसके बावजूद कांग्रेसी विधायक कीमतों में इजाफे के लिए राज्य सरकार पर निषाना साध रहे हैं। कांग्रेस के विधायक मुकेष अग्निहोत्री ने मामला उठाते हुए कहा कि ऊना जिले में सीमेंट के दाम अन्य जिलों के मुकाबले 25 रूपये अधिक हैं।
मंत्री ने बताया कि गत तीन सालों के दौरान सीमेंट कारखाने स्थापित करने का एक प्रस्ताव सरकार को प्राप्त हुआ है। सोलन जिला के अर्की में 18.08.2010 को जेपी हिमाचल सीमेंट लिमिटेड द्वारा 2.75 मिलीयन टन क्लींकर क्षमता यूनिट की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया है। इस प्लांट के लिए हिमाचल सरकार को जेपी सीमेंट से 22.32 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रदेष में इस समय छः बड़े सीमेंट प्लांट कार्यरत हैं। जिनकी उत्पादन क्षमता 9.51 मिलीयन टन और क्लींकर क्षमता 10.10 मिलीयन टन है। उन्होंने बताया कि पूर्व की कांग्रेस सरकार ने जेपी कंपनी से बिना लीज दिए ही उत्पादन षुरू करवा दिया, जिस पर वर्तमान सरकार ने कंपनी पर जुर्माना लगाते हुए 4.10 करोड़ वसूले हैं।
नादौन के विधायक सुखबिंदर सिंह सुक्खु के सवाल के जवाब में खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्री रमेष धवाला ने बताया कि पिछले एक साल के दौरान राषन के 134 सेंपल निम्न गुणवता के पाए गए। जबकि 38 मामलों में डिफाल्टरों पर विभागीय कारवाई की जा रही है।
मंत्री ने बताया कि खाद्य उत्पादों के सैंपल फेल होने पर होलसेर्ल्ज को 2,74,000 रूपये जुर्माना लगाया गया है। दाल, नमक और तेल के संेपल फेल होने से सप्लाईर पर इस वर्श  7,34,785 रूपये जुर्माना किया गया है। जबकि 3 मामलों में चेतावनी जारी की गई है।
सुलह के विधायक विपिन परमार के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री राजीव बिंदल ने बताया कि राश्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत वर्तमान में सभी 12 जिले पूरे किए गए हैं। राज्य के ग्रामीण और षहरी क्षेत्रों से 289986 बीपीएल परिवारों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, इनमें से 235131 बीमा कार्ड जारी किए जा चुके हैं। जबकि 54855 परिवारों के बीमा कार्ड बनाने अभी षेश हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 1 जनवरी 2011 से 31 दिसंबर 2011 तक 34494 लोगों का राज्य में मुफत इलाज किया गया। उनके इलाज पर 1516.72 लाख रूपये खर्च किए गए। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस योजना में हिमाचल देष भर में अब्बल रहा है। स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत राश्ट्रीय स्तर पर 48.62 प्रतिषत लोगों के स्मार्ट कार्ड बनाए हैं। जबकि हिमाचल में यह संख्या 81.08 प्रतिषत है।
बिंदल ने बताया कि इस योजना के तहत देष में प्रतिहजार व्यक्तियों पर 116 लोगों ने इसका लाभ उठाया है, जबकि हिमाचल में यह संख्या 290 है।
नगरोटा बंगवा के कांग्रेस विधायक जीएस बाली द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में परिवहन व आवास मंत्री महेंद्र सिंह ने ताय कि हिमुडा फलैट व प्लाट बनाने के लिए जो जमीन लोगों से खरीदता है, उसकी नियमों के तहत प्रक्रिया अपनाई जाती है। जमीन चयन की प्रक्रिया के लिए हिमुडा उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। इसी तरह जमीनों के दाम तय करने के लिए संबंधित जिला अध्यक्ष की अध्यक्षता में एक अलग कमेटी बनी है। उन्होंने बताया कि हिमुडा ने सभी जमीनें प्रत्यक्ष तौर पर बाजारी भाव पर मालिकों से खरीदी हैं।
एक अन्य सवाल के जवाब में महेंद्र सिंह ने बताया कि सुजानपुर एनएसी की आबादी 5500 से अधिक हो चुकी है और औपचारिकताएं पूरी होने पर सरकार इसे एमसी बनाने पर विचार करेगी।

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