वन में चिंगारी सुलगते ही आएगा मैसेज

मध्य प्रदेश की तर्ज पर अब जल्द ही हिमाचल भी सेटेलाइट सिस्टम से जुड़ने जा रहा है। वन महकमे के आला अधिकारियों की छह माह की अवधि में इस महत्त्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू करने की प्रबल उम्मीद है। एमपी के तकनीकी एक्सपर्ट जल्द ही यहां आकर वन कर्मियों को ट्रेनिंग देंगे। इस बड़े प्रोजेक्ट के क्रियान्वित होने से हर वर्ष फायर सीजन में प्रदेश के संवेदनशील व अति संवेदनशील किसी भी जंगल में आग लगते ही एकदम संबंधित बीट पर तैनात वन कर्मी के मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से सूचना मिल जाएगी। चीफ कंजरवेटर आग एवं वन संरक्षण हिमाचल प्रदेश अवतार सिंह ने खबर की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार मुख्य अरण्यपाल अवतार सिंह मध्य प्रदेश दौरे पर गए थे और वहां पर इस सिस्टम के बारे में गहन अध्ययन कर आलाधिकारियों से भी गूढ़ जानकारी प्राप्त कर इस प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू किया, जिसमें उन्हें कामयाबी हासिल हुई है। राज्य सरकार ने भी इस प्रोजेक्ट के प्रति खासी दिलचस्पी दिखाते हुए कार्य आगे बढ़ाया। ताजा स्थिति में मध्य प्रदेश सरकार की ओर से इस प्रोजेक्ट find here को हरी झंडी मिलने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि अगले छह माह तक यह प्रोजेक्ट प्रदेश में शुरू कर दिया जाएगा। प्रोजेक्ट की खासियत यह है कि फायर सीजन में जंगलों में आग लगने पर तत्काल संबंधित बीट पर कार्यरत वनकर्मी के मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से सूचना मिलेगी। इससे प्रदेश के जंगल आग से बच पाएंगे और प्रदेश के जंगलों में गर्मियों के मौसम में साल दर साल बढ़ रही आग की घटनाओं की भी रोकथाम होगी। इसी के मद्देनजर सरकार ने मध्य प्रदेश में लागू इस महत्त्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को यहां क्रियान्वित करने का निर्णय लेते हुए योजना पर काम शुरू करवाया और अब इस योजना के जल्द प्रदेश में लागू होने की उम्मीद है। उधर, चीफ कंजरवेटर अवतार सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के बाद हिमाचल में अगले छह माह तक सेटेलाइट सिस्टम को आरंभ कर दिया जाएगा। यह प्रोजेक्ट सरकार के पास विचाराधीन है और लगभग फाइनल स्टेज पर है। इसका फायदा यह रहेगा कि गर्मियों के  दिनों में जंगल आग के लिहाज से सुरक्षित रहेंगे और आग की घटनाओं पर भी रोक लग पाएगी।

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