महात्मा गांधी सुपर थर्मल पॉवर क परियोजना सफलतापूर्वक सिंक्रोनाईजेशन

महात्मा गांधी सुपर थर्मल पॉवर परियोजना, खानपुर, झज्जर की 660 मेगावाट की दूसरी इकाई का आज प्रातः 7ः13 बजे ग्रीड के साथ सफलतापूर्वक सिंक्रोनाईजेशन किया गया, जिससे प्रदेश की कुल प्रस्थापित उत्पादन क्षमता बढ़कर 5050.5 मेगावाट हो गई है।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की विस्तृत जानकारी देते हुए बिजली मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि हरियाणा में चालू की जाने वाली 660 मेगावाट की यह दूसरी इकाई है, जो कि अत्याधुनिक सुपर क्रिटीक्ल प्रौद्योगिकी पर आधारित है। सुपर क्रिटीक्ल प्रौद्योगिकी बहुत ही लाभदायक है, क्योंकि यह अत्यंत सक्षम है, इसमें ईंधन की खपत एवं उत्सर्जन कम होता है और यह ग्रीड की आवश्यकताओं अनुसार तुरन्त कार्य कार्य करती है। हरियाणा के मुख्यमंत्री  भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने 10 जनवरी, 2009 को इस परियोजना की आधारशिला रखी थी और इसकी 660 मेगावाट की पहली इकाई का ठीक 36 महीने बाद 11 जनवरी, 2012 को सिंक्रोनाईजेशन किया गया।

परियोजना डैवेल्पर मैसर्ज सीएलपी पॉवर इंडिया प्राईवेट लिमिटेड को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वतंत्र बिजली उत्पादक द्वारा स्थापित यह पहली कोयला आधारित बिजली परियोजना भी है।

उन्होंने कहा कि इन दो इकाइयों से प्रदेश में रोजाना लगभग 270 लाख यूनिट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि इस इकाई के चालू हो जाने के साथ ही प्रदेश की कुल प्रस्थापित उत्पादन क्षमता 4390.5 मेगावाट से बढ़कर 5050.5 मेगावाट हो गई है।

हरियाणा बिजली उत्पादन निगम लि0 के प्रबन्धक निदेशक श्री अनुराग अग्रवाल ने परियोजना की पृष्ठभूमि बारे जानकारी देते हुए कहा कि सरकार द्वारा हरियाणा बिजली उत्पादन निगम लिमिटेड को इस परियोजना की स्थापना के लिए नोडल एजेंसी मनोनित किया गया था। इस परियोजना के क्रियान्वयन में निगम ने एक विशेष परपस व्हीकल ‘झज्जर पॉवर लि0’ का सहयोग लिया। निगम द्वारा केन्द्रीय बिजली मंत्रालय के केस-॥ मैकेनिज्म के तहत बिजली दर आधारित प्रतिस्पृद्घी निविदा प्रक्रिया अपनाकर सीएलपी पॉवर इंडिया प्रा0 लि0 को इस परियोजना का कार्य सौंपा गया और यह परियोजना इस मैकेनिज्म के तहत निर्धारित समय में शुरू होने वाली देश की पहली परियोजनाओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि निगम द्वारा उपलब्ध करवाई गई अतिरिक्त बिजली के कारण  प्रदेश चालू वर्ष के दौरान रोजाना औसतन 986 लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति करने में सक्षम रहा है, जबकि गतवर्ष 885 लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति की गई, जो कि लगभग 12 प्रतिशत की बृद्घि दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ताप बिजली परियोजना, खेदड़ की 600 मेगावाट की दूसरी इकाई में शीघ्र ही उत्पादन शुरू होने की संभावना है और निगम प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।