भ्रष्टाचार पर कांग्रेस का सदन से वाकआउट

 विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे रोज भी विपक्ष ने भ्रष्टाचार के मामले पर दूसरी बार दिए गए स्थगन प्रस्ताव नोटिस को मंजूर न किए जाने के कारण सदन की कार्यवाही को बाधित किया। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष की नेता विद्या स्टोक्स व वरिष्ठ सदस्य कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि सोमवार को जब विपक्ष की तरफ से पांच विधायकों विद्या स्टोक्स, कौल सिंह, कुलदीप सिंह पठानिया, हर्षवर्द्धन और प्रकाश चौधरी ने स्थगन प्रस्ताव के लिए नोटिस समय पर दिए थे तो उन पर चर्चा की मंजूरी क्यों नहीं दी जा रही। इसके बाद विपक्ष ने प्रश्नकाल की कार्यवाही में जहां भाग नहीं लिया, वहीं सदन के बीचोबीच आकर नारेबाजी करते हुए कार्यवाही को बाधित करने का प्रयास किया। विपक्षी सदस्य स्वास्थ्य मंत्री डा. राजीव बिंदल के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रश्नकाल समाप्त होते ही विपक्ष ने विरोध स्वरूप सदन से वाकआउट कर दिया। सोमवार को ही राज्यपाल के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा से भी विपक्ष ने किनारा ही रखा। इससे पूर्व विपक्ष की नेता विद्या स्टोक्स ने कहा कि डा. बिंदल के खिलाफ लगे आरोप प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन चुके हैं। इसे लेकर ही विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा किए जाने का नोटिस दिया था, जिसे फिर से नामंजूर कर दिया गया। कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि सोमवार को तो नियमों के तहत ही दोपहर साढ़े बारह बजे नोटिस दिया गया था। लिहाजा इस पर चर्चा की मंजूरी दी जानी चाहिए थी। बहरहाल बात बनती न देख सोमवार को विपक्ष ने फिर से जोरदार हंगामा किया और नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया। विपक्षी नेताओं का यह आरोप भी था कि स्थगन प्रस्ताव लाए जाने को लेकर दिए गए नोटिस में पांचों विपक्षी सदस्यों ने आरोप भी स्पष्ट किए हैं। कौल सिंह ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इस मामले से हटकर और कोई बड़ा मुद्दा चर्चा के लिए हो सकता है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज ः मंगलवार को विधानसभा परिसर के विपक्षी लाउंज में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। पार्टी के चीफ व्हिप विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह जानकारी दी। जाहिर है दो दिन के हंगामे के बाद कांग्रेस फिर से नए मुद्दों को उठाने के लिए कमर कस सकती है।

नियमों के तहत ही स्थगन प्रस्ताव नोटिस नामंजूर ः  विपक्ष के हो-हल्ले के बीच विधानसभा अध्यक्ष तुलसीराम शर्मा ने व्यवस्था देते हुए कहा कि नियमों के तहत ही विपक्ष द्वारा दिए गए स्थगन प्रस्ताव के नोटिस को नामंजूर किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान ऐसे किसी  विषय पर ही चर्चा की मंजूरी दी जा सकती है, जो आपात स्थिति पर आधारित हो। या फिर बेहद जरूरी हो कि अन्य आवश्यक कार्यवाही को छोड़कर चर्चा की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि सूचनाओं से जो विषय उठाया है, वह सामान्य रूप से व्यक्त है। न ही वह हाल ही में घटित है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान नियम हवाला देते हैं कि स्थगन प्रस्ताव नोटिस के तहत चर्चा की मंजूरी नहीं दी जा सकती है। लिहाजा इसे नामंजूर किया जाता है। उन्होंने विपक्ष से धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए भाग लेने का भी आग्रह किया। यह भी कहा कि समय आने पर अपनी बात रखे, मगर विपक्ष नहीं माना।