चंडीगढ़ पर पंजाब-हरियाणा में ठनी

पंजाब ने भाषा के आधार तो हरियाणा ने कहा लोगों की पसंद
चंडीगढ़़।
केंद्र शासित चंडीगढ़ को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच दशकों पुरानी टीस एक बार फिर उभर आई है। दोनों राज्यों ने चंडीगढ़ को लेकर अपनी-अपनी दोह्लेदारी ठोक दी है। पंजाब सरकार ने ेिह्लधानसभा सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण में चंडीगढ़ पर दोह्ला जताया। अभिभाषण में चंडीगढ़ को भाषायी आधार पर पंजाब में मिलाने की बात कही गई। इतना ही नहीं पंजाब ने उन इलाकों पर भी अपनी दोह्लेदारी जता दी है जहां पंजाबी भाषी लोग रहते हैं। इतना ही नहीं पंजाब ने हरियाणा के साथ नदियों के पानी का बंटवारा राइपेरियन सिद्धांत के अनुसार करने की मांग भी उठाई है।
हरियाणा ने पंजाब सरकार की इन मांगों को सिरे से खारिज कर दिया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि चंडीगढ़ हरियाणा का हिस्सा है। प्रदेश के लोग चंडीगढ़ को हरियाणा की राजधानी के रूप में पसंद करते है। प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं ने चंडीगढ़ के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है। हुड्डा के इस बयान से दोनों राज्यों के संबंधों में और खटास बढ़ गई है। गौरतलब है कि पंजाब और हरियाणा में चंडीगढ़ का ेिह्लेह्लाद शुरूआत से ही चला आ रहा है। इसके अलोह्ला दोनों राज्यों में नदी जल के बंटोह्लारे पर भी ेिह्लेह्लाद है।