आईआईएम रोहतक का पहला दीक्षांत समारोह

रोहतक। जीवन सौ मीटर का फर्राटा दौड़ नहीं, बल्कि मैराथन दौड़ है। जीवन में सफलता पाने के लिए मैराथन धावक का हौसला, संकल्प तथा निरंतर मेहनत होनी चाहिए। ये उद्गार भारतीय उद्योग महासंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष तथा टाटा स्टील गु्रप के उपाध्यक्ष बी.मुथुरमन ने आज भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम), रोहतक के प्रथम
दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि दीक्षांत भाषण देते हुए व्यक्त किए।
मुथुरमन ने कहा कि विद्यालय, महाविद्यालय तथा विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व का तीस प्रतिशत हिस्सा होता है। बाकी जीवन के अनुभवों से प्राप्त विवेक, नवोन्मेषी मनोवृत्ति, लोगों से जुडऩे की कला, सफलता-विफलता से जूझने का जीवट महत्त्वपूर्ण है।
दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि ने शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए विद्यार्थी शिवांक शर्मा को स्वर्ण पदक तथा बहु-आयामी उत्कृष्टता के लिए विद्यार्थी अंकुश जैन को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया। समारोह में 4३ विद्यार्थियों ने पीजी डिप्लोमा इन मैनजमेंट उपाधि प्रदान की गई। 4 विद्यार्थियों को अनुपस्थिति (इन एबसेंसिया) ये उपाधि दी गई।
इससे पूर्व, आईआईएम रोहतक के बोर्ड ऑफ गर्वनर्ज के अध्यक्ष तथा टाटा मोटर गु्रप के अध्यक्ष रविकांत ने कहा कि आईआईएम रोहतक ने दो वर्ष के अल्प समय में राष्ट्रीय उपस्थिति दर्ज करवाई है।
आईआईएम, रोहतक निदेशक प्रो. पी रमेशन ने आईआईएम, रोहतक के विकास यात्रा की रिपोर्ट प्रस्तुत की। गौरतलब है कि सन् 2०१0 में प्रारंभ हुए आईआईएम रोहतक का यह पहला दीक्षांत समारोह था। 2०१0-२012 बैच के विद्यार्थियों को इस समारोह में उपाधियां प्राप्त हुई।