अकाल तख्त के फरमान से सरकार के होश उड़े

अकाली दल ने बुलाई कोर कमेटी की आपात बैठक
चंडीगढ़।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्यारे आतंकी बलवंत सिंह राजोआणा की फांसी टालने के लिए मिले अकाल तख्त के फरमान ने सत्तारूढ़ शिरोमणी अकाली दल की नींद उड़ा दी है। कोर्ट के आदेश की अेह्लहेलना और अकाल तख्त के आदेश पर अमल करना बादल सरकार के लिए आसान नहीं है। धर्मसंकट में फंसे शिरोमणी अकाली दल ने बलेह्लंत सिंह को मिली फांसी की सजा को रुकवाने के लिए शिरोमणि अकाली दल की कोर कमेटी की आपात बैठक बुलाई गई है। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और एसजीपीसी के प्रमुख अवतार सिंह मक्कड़ भी शामिल होंगे।
अकाली दल के सचिव दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि बैठक में अकाल तख्त के जत्थेदार की ओर से दिए निर्देशों पर विचार किया जाएगा। अकाल तख्त के जत्थेदार ने शुक्रवार को कहा था कि राजोआणा की फांसी रुकवाने के लिए एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ और उपमुख्यमंत्री सीएम सुखबीर बादल मामला राष्ट्रपति के समक्ष उठाए। रेिह्लेह्लार को होने वाली आपात बैक इसी सिलसिले में बुलाई गई है। अतिरिक्त सेशन जज शालिनी नागपाल ने राजोआणा का डेथ वारंट जारी कर दिया है। चूंकि राजोआणा ने अपनी फांसी की सजा के खिलाफ कहीं भी अपील नहीं की है। ऐसे में राजोआणा के मामले पर अजीब स्थिति पैदा हो गई है।